Gen Z की पहली पसंद बना मॉडर्न इंडियन वियर, Zara और H&M जैसे ग्लोबल दिग्गजों को मिल रही कड़ी चुनौती

KNEWS DESK- नोएडा स्थित Libas के हेडक्वार्टर में प्रवेश करते ही एक अलग ही माहौल महसूस होता है—जहां क्रिएटिविटी, बॉलीवुड का रंग और सस्टेनेबिलिटी का अनोखा मेल देखने को मिलता है। ऑफिस की सजावट में बचे हुए कपड़ों का इस्तेमाल किया गया है और केबिन्स के नाम बॉलीवुड किरदारों पर रखे गए हैं, जो इसकी यूनिक ब्रांड पहचान को दर्शाते हैं।

फास्ट फैशन में बड़ा बदलाव

कंपनी के फाउंडर और CEO Sidhant Keshwani के अनुसार, 2020-21 के दौरान यह महसूस हुआ कि जहां दुनिया फास्ट फैशन की ओर तेजी से बढ़ रही है, वहीं इंडियन वियर इस ट्रेंड में पीछे है। यहीं से Libas ने अपनी रणनीति बदली और पारंपरिक कपड़ों से आगे बढ़कर मॉडर्न और ट्रेंडी इंडियन वियर पर फोकस किया।

छोटे ब्रांड से बड़ी पहचान तक

एक समय ऐसा भी था जब कंपनी की ग्रोथ 150-200 करोड़ रुपये के बीच रुक गई थी। लेकिन अपनी यूनिक पहचान (USP) पर काम करते हुए Libas ने युवाओं के लिए मॉडर्न एथनिक और इंडो-वेस्टर्न डिजाइन्स पेश किए। आज यह ब्रांड 700 करोड़ के आंकड़े तक पहुंच चुका है और लगातार विस्तार कर रहा है।

ग्लोबल मार्केट की तैयारी

अब Libas अंतरराष्ट्रीय बाजारों की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। खासतौर पर United Arab Emirates जैसे बाजारों को समझने के लिए कंपनी रिसर्च कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल स्तर पर इंडियन फैशन को स्थापित करने के लिए फ्यूजन डिजाइन और इंटरनेशनल कोलैबोरेशन जरूरी होंगे।

Gen Z पर खास फोकस

आज के युवा मॉडर्न एथनिक और इंडो-वेस्टर्न स्टाइल को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। Libas भी अपने डिजाइन और मार्केटिंग में Gen Z को केंद्र में रखकर काम कर रहा है, जिससे इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।

चुनौतियों के बीच मजबूत रणनीति

वैश्विक तनाव जैसे United States–Iran conflict के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे प्रोडक्शन 60-65% तक सीमित हो गया। इसके बावजूद कंपनी का कहना है कि उसने कोविड-19 जैसे संकटों से सीखकर खुद को मजबूत बनाया है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों में विस्तार

Libas का लगभग 65-70% कारोबार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से आता है। इसके अलावा कंपनी के 51 फिजिकल स्टोर्स हैं, जिन्हें इस साल 100 से अधिक करने की योजना है।

इंटरनेशनल ब्रांड्स को चुनौती

अब Libas खुद को सिर्फ भारतीय ब्रांड्स तक सीमित नहीं देखता, बल्कि Zara और H&M जैसे ग्लोबल दिग्गजों को सीधी चुनौती दे रहा है। कंपनी अपने स्टोर्स, डिजाइन और कस्टमर एक्सपीरियंस को उसी स्तर तक ले जाने पर जोर दे रही है।

Libas का सफर यह दिखाता है कि सही रणनीति, ट्रेंड की समझ और इनोवेशन के दम पर एक घरेलू ब्रांड भी ग्लोबल मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।

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