Knews Desk- घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों से परेशान उपभोक्ताओं के लिए जुलाई का महीना राहत लेकर आ सकता है. हाल के घटनाक्रमों को देखें तो ऐसे कई संकेत मिल रहे हैं, जिनसे आने वाले दिनों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम घटने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि अभी तक सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और आपूर्ति में सुधार से उम्मीद बढ़ गई है कि जल्द ही उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है.सबसे बड़ा बदलाव ईरान-अमेरिका के बीच तनाव कम होने के बाद देखने को मिला है. दोनों देशों के बीच संघर्ष थमने के साथ ही होर्मुज स्ट्रेट से तेल और एलपीजी से भरे जहाजों की आवाजाही सामान्य होने लगी है. भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से आयात करता है. जब यह मार्ग बाधित हुआ था, तब अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था. अब सप्लाई चेन सामान्य होने से आयात लागत घटने की उम्मीद है, जिसका असर घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों पर भी पड़ सकता है.
इसका असर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी दिखाई दिया है. 1 जुलाई से सरकारी तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की है. युद्ध के दौरान इसी सिलेंडर की कीमत में लगभग 1,373 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई थी. अब कीमतें घटने का मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय एलपीजी बाजार पर दबाव कम हो रहा है. आमतौर पर कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बदलाव वैश्विक बाजार की दिशा का संकेत माना जाता है. ऐसे में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के सस्ता होने की संभावना भी बढ़ जाती है.
एक और महत्वपूर्ण वजह भारत का अमेरिका से बढ़ता एलपीजी आयात है. सरकारी तेल कंपनियों ने पहले ही अमेरिका से हर साल बड़ी मात्रा में एलपीजी आयात करने का समझौता किया हुआ है. रिपोर्टों के अनुसार जून 2026 में भारत का अमेरिका से एलपीजी आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है. इसके अलावा कतर जैसे देशों से भी गैस की आपूर्ति लगातार जारी है. होर्मुज स्ट्रेट खुलने के बाद खाड़ी देशों से आयात और आसान हो गया है. पर्याप्त आपूर्ति होने से घरेलू बाजार में कीमतों पर दबाव कम रहने की संभावना है.बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एलपीजी की उपलब्धता बढ़ने और आयात लागत घटने का सीधा फायदा भविष्य में उपभोक्ताओं को मिल सकता है. यदि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में नरमी बनी रहती है तो तेल कंपनियां घरेलू सिलेंडर के दाम कम करने पर विचार कर सकती हैं.
एक और दिलचस्प बदलाव देश में इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल के रूप में सामने आया है. इंडक्शन कुकटॉप, एयर फ्रायर और अन्य इलेक्ट्रिक किचन उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है. इससे एलपीजी की मांग पर कुछ हद तक असर पड़ा है. यदि घरेलू गैस की खपत अपेक्षाकृत कम रहती है तो सरकार और तेल कंपनियों पर अतिरिक्त आपूर्ति बनाए रखने का दबाव भी कम होगा, जो कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है.हालांकि फिलहाल 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसकी कीमत करीब 942 रुपये बनी हुई है. गौरतलब है कि वर्ष 2026 में अब तक घरेलू सिलेंडर के दाम दो बार बढ़ाए जा चुके हैं. मार्च में 60 रुपये और जून में 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद कुल 89 रुपये प्रति सिलेंडर महंगा हो चुका है.अब सभी की नजर तेल विपणन कंपनियों के अगले फैसले पर है. यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मौजूदा नरमी बनी रहती है और आपूर्ति सामान्य रहती है तो जुलाई में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में राहत मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. हालांकि अंतिम फैसला सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार, आयात लागत और अन्य आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही लेंगी.