OPS पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, संसद में साफ किया पुरानी पेंशन योजना पर रुख

Knews Desk– 8वें वेतन आयोग को लेकर देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच चर्चाओं का दौर जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने संसद में पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme-OPS) को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए बड़ा बयान दिया है। सरकार ने साफ कहा है कि फिलहाल केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस बयान के बाद OPS की बहाली की उम्मीद लगाए बैठे लाखों कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है।संसद में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार के पास पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकार राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) में समय-समय पर सुधार करती रही है और कर्मचारियों की चिंताओं को दूर करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सरकार भविष्य में भी कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखेगी, लेकिन OPS को दोबारा लागू करने की कोई योजना फिलहाल नहीं है।

सरकार के इस जवाब को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल के महीनों में कई कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के गठन के साथ-साथ पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग तेज कर दी थी। उनका मानना है कि यदि वेतन आयोग कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में बदलाव की सिफारिश कर सकता है, तो पेंशन व्यवस्था पर भी विचार किया जाना चाहिए। हालांकि सरकार के ताजा बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि 8वें वेतन आयोग के साथ OPS की वापसी की संभावना फिलहाल बेहद कम है।

पुरानी पेंशन योजना को लेकर कर्मचारियों की मांग लंबे समय से जारी है। OPS के तहत सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद अंतिम वेतन के आधार पर निश्चित पेंशन मिलती थी। वहीं, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) बाजार आधारित व्यवस्था है, जिसमें मिलने वाला रिटर्न शेयर बाजार और निवेश के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। इसी वजह से कई कर्मचारी भविष्य की आय को लेकर असुरक्षा महसूस करते हैं और OPS की बहाली की मांग करते रहे हैं।हाल के वर्षों में कई राज्यों ने अपने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने का फैसला भी लिया है, जिसके बाद केंद्र सरकार पर भी इस दिशा में कदम उठाने का दबाव बढ़ा था। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि NPS में लगातार सुधार किए जा रहे हैं ताकि कर्मचारियों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा मिल सके।इसी क्रम में सरकार ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की भी घोषणा की है। सरकार का दावा है कि UPS का उद्देश्य कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद अधिक वित्तीय सुरक्षा देना है। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था कर्मचारियों के हितों और देश की वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास करती है।

अब केंद्रीय कर्मचारियों की निगाहें पूरी तरह 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं। उन्हें उम्मीद है कि आयोग वेतन, महंगाई भत्ता, भत्तों और पेंशन से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलावों की सिफारिश करेगा। हालांकि संसद में दिए गए सरकार के जवाब के बाद यह लगभग साफ हो गया है कि पुरानी पेंशन योजना की वापसी फिलहाल एजेंडे में नहीं है।ऐसे में आने वाले समय में कर्मचारियों के लिए सबसे अहम मुद्दा 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें होंगी। फिलहाल केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट है कि मौजूदा पेंशन व्यवस्था में सुधार जारी रहेगा, लेकिन पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा लागू करने की कोई योजना नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *