KNEWS DESK – टीवी इंडस्ट्री में टाइपकास्टिंग एक आम चुनौती मानी जाती है, जहां कलाकारों को उनके पुराने किरदारों के आधार पर ही आंका जाने लगता है। कुछ ऐसा ही अनुभव एक्टर सिद्धार्थ निगम को भी हुआ, जिन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में ही बड़ी लोकप्रियता हासिल कर ली थी।
चक्रवर्ती अशोक सम्राट में अशोक का दमदार किरदार निभाकर सिद्धार्थ ने घर-घर में पहचान बनाई। हालांकि, इसी सफलता ने उनके लिए एक नई मुश्किल भी खड़ी कर दी टाइपकास्टिंग की।
ऑडिशन में झेलनी पड़ी धारणा
हाल ही में एक इंटरव्यू में सिद्धार्थ ने बताया कि जब वो अलादीन नाम तो सुना होगा के लिए ऑडिशन दे रहे थे, तब उन्हें लेकर पहले से ही एक राय बना ली गई थी। एक कास्टिंग से जुड़े व्यक्ति ने कहा कि सिद्धार्थ इस रोल के लिए फिट नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने हाल ही में एक गंभीर और आक्रामक किरदार निभाया है, जबकि अलादीन का किरदार हल्का-फुल्का, चुलबुला और कॉमिक अंदाज वाला है।
‘मैं नहीं, मेरा किरदार एग्रेसिव था’
इस अनुभव को याद करते हुए सिद्धार्थ ने कहा कि उस वक्त वो डायरेक्टर के साथ बैठे थे और ये सब सुन रहे थे। उन्होंने इसे लेकर नाराजगी नहीं जताई, बल्कि मुस्कुराते हुए सोचा कि लोग अक्सर किरदार और असली व्यक्तित्व में फर्क नहीं कर पाते।
उनका कहना था कि “मैं एग्रेसिव नहीं हूं, मेरा किरदार एग्रेसिव था। मैंने अशोक का रोल निभाया, लेकिन मैं उस छवि को अपनी असली पहचान नहीं बनने देता।”
हर किरदार के साथ नई शुरुआत
सिद्धार्थ का मानना है कि एक कलाकार की असली ताकत यही होती है कि वो हर नए रोल के साथ खुद को फिर से ढाल सके। उन्होंने कहा कि अशोक का किरदार उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जिस पर उन्हें गर्व है, लेकिन वो इसे अपने करियर की स्थायी पहचान नहीं बनने देना चाहते।
उन्होंने आगे कहा कि हर नया प्रोजेक्ट उनके लिए एक नई शुरुआत होता है, जहां वो पुरानी छवि को पीछे छोड़कर कुछ नया सीखने और दिखाने की कोशिश करते हैं।