KNEWS DESK – बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर एक बार फिर अपने पुराने बयान को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली में एक इवेंट के दौरान उन्होंने साल 2018 में फिल्म ‘पद्मावत’ के निर्देशक संजय लीला भंसाली को लिखे अपने ओपन लेटर का जिक्र किया था। इसके बाद उनके बयान का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और उन्हें जमकर ट्रोल किया जाने लगा।
अब स्वरा भास्कर ने इस पूरे विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से ट्रांसलेट कर झूठ के तौर पर फैलाया जा रहा है। स्वरा ने साफ किया कि उन्होंने न तो रानी पद्मावती को कायर कहा और न ही जौहर करने वाली महिलाओं को।
‘मैंने ऐसा बिल्कुल नहीं कहा’
स्वरा ने अपने वीडियो में कहा कि इवेंट में उनसे पूछा गया था कि उन्होंने ‘पद्मावत’ को लेकर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर क्यों लिखा था। इसी सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने अपनी आपत्ति समझाई थी।
https://www.instagram.com/reels/DcwMEGtpcI9/
उन्होंने कहा, “मैंने कतई ऐसा नहीं कहा कि रानी पद्मावती कायर थीं या वो बाकी महिलाएं, महल की रानियां और औरतें जिन्होंने जौहर किया था, वो कायर थीं।”
स्वरा ने आगे कहा कि उन्होंने अपनी बात अंग्रेजी में कही थी और अब उसका गलत अनुवाद करके सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर किसी भाषा को समझने में दिक्कत हो तो पहले उसका सही अनुवाद या संदर्भ जांच लेना चाहिए।
क्या था स्वरा के बयान का मतलब?
स्वरा ने बताया कि ‘पद्मावत’ के क्लाइमैक्स को देखने के दौरान उनके मन में एक सवाल उठा था। उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला बलात्कार की पीड़िता होती और उसके बाद जिंदा बच जाती, तो क्या उसे इस वजह से खुद को कायर महसूस करना चाहिए कि उसने अपनी जान नहीं ली?
उन्होंने इसी संदर्भ में सवाल उठाया कि क्या ऐसी फिल्मों से यह संदेश जाता है कि महिला की शारीरिक पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
स्वरा ने कहा कि भारत में रेप एक गंभीर सामाजिक समस्या है और ऐसे में रेप सर्वाइवर्स को यह संदेश नहीं दिया जाना चाहिए कि अगर वे जिंदा बच गईं तो यह किसी तरह उनकी गलती या कमजोरी है।
अपने बयान के आखिर में स्वरा ने निर्भया का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं की जीने की इच्छा और संघर्ष को कभी कम नहीं आंकना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्भया ने अपने साथ हुई बर्बरता के बावजूद आखिरी दम तक संघर्ष किया था।
स्वरा का कहना है कि उनका सवाल जौहर करने वाली महिलाओं को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करना नहीं था, बल्कि बलात्कार और महिला की जिंदगी की कीमत को लेकर एक सामाजिक सवाल उठाना था।