KNEWS DESK – संजय लीला भंसाली की फिल्म Devdas को आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे शानदार और यादगार फिल्मों में गिना जाता है. Shah Rukh Khan, Aishwarya Rai Bachchan और Madhuri Dixit स्टारर इस फिल्म ने अपनी भव्यता, शानदार संगीत और इमोशनल कहानी से दुनियाभर के दर्शकों का दिल जीता था. लेकिन अब पाकिस्तानी सोशल मीडिया स्टार और एक्ट्रेस Dananeer Mobeen ने इस फिल्म को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है.
‘पावरी हो रही है’ वीडियो से वायरल हुईं दनानीर मोबीन इन दिनों अपने नए प्रोजेक्ट के प्रमोशन में बिजी हैं. इसी दौरान एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि उन्हें कौन सी क्लासिक फिल्म जरूरत से ज्यादा ओवररेटेड लगती है, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के ‘देवदास’ का नाम ले लिया. दनानीर ने कहा कि उन्हें आज तक समझ नहीं आया कि आखिर लोग इस फिल्म को इतना पसंद क्यों करते हैं.
उन्होंने फिल्म की कहानी और किरदारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें एल्कोहोलिज्म को जरूरत से ज्यादा ग्लैमराइज किया गया है. दनानीर के मुताबिक, “एक शराबी आदमी की कहानी को आखिर इतना महान क्यों माना जाता है? एक लड़की जिसका कोई आत्मसम्मान नहीं दिखता और दूसरी महिला जिसे उस आदमी की जिंदगी में जबरदस्ती डाल दिया जाता है… आखिर इसमें ऐसा क्या खास है जिसे क्लासिक कहा जाए?”
हालांकि दनानीर ने फिल्म के सेट्स, कॉस्ट्यूम्स और विजुअल्स की तारीफ भी की. उन्होंने माना कि फिल्म देखने में बेहद खूबसूरत है, लेकिन कहानी के स्तर पर उन्हें यह उतनी प्रभावशाली नहीं लगी. एक्ट्रेस ने सवाल उठाया कि फिल्मों में शराब और टूटे हुए इंसान की जिंदगी को आखिर क्यों रोमांटिक तरीके से दिखाया जाता है.
दनानीर का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कई यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करते हुए कहा कि उन्होंने फिल्म की गहराई और भावनाओं को समझे बिना ही उसे ओवररेटेड बता दिया. फैंस का मानना है कि ‘देवदास’ सिर्फ शराब या दर्द की कहानी नहीं, बल्कि अधूरे प्यार, सामाजिक बंधनों और टूटे हुए इंसान की मानसिक स्थिति को दिखाने वाली फिल्म है.
वहीं, कई लोगों ने Shah Rukh Khan की दमदार एक्टिंग और Sanjay Leela Bhansali के निर्देशन की तारीफ करते हुए कहा कि यही वजह है कि ‘देवदास’ आज भी एक कल्ट क्लासिक मानी जाती है. दूसरी तरफ कुछ यूजर्स ने दनानीर की राय का समर्थन भी किया और कहा कि हर किसी का फिल्मों को देखने का नजरिया अलग हो सकता है.