Knews Desk – मुश्ताक खान को श्रद्धांजलि देने के लिए बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की कई हस्तियां उनके घर पहुंचीं। अभिनेता रजत बेदी भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन्होंने मुश्ताक खान के साथ 2001 में ‘जोड़ी नंबर 1’, 2005 में ‘धमकी’ और 2002 में ‘काबू’ जैसी फिल्मों में काम किया था। उनके अलावा ‘चाणक्य’ फेम अभिनेता मनीष वाधवा, कॉमेडियन एहसान कुरैशी, टीवी और फिल्म अभिनेता शरद मल्होत्रा, शहबाज खान, सुभा आर्या, राजपाल यादव, अनंग देसाई और सिंगर-एक्टर तलत अजीज भी उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।
मुश्ताक खान के बिजनेस पार्टनर शिवम ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि अभिनेता फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे थे। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम करीब 7 बजे मुश्ताक खान का निधन हुआ। उन्हें पहले भी लंग कैंसर हुआ था और वह ठीक हो गए थे, लेकिन करीब 8 दिन पहले बीमारी दोबारा उभर आई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया गया कि इस बार बीमारी अंतिम चरण में थी।
वहीं, मुश्ताक खान के बेटे मोहसिन ने बताया कि जुमे की नमाज के बाद जनाजे की नमाज अदा की गई और फिर यारी रोड कब्रिस्तान में उन्हें दफनाया गया। अभिनेता के निधन के बाद सनी देओल, अनुपम खेर समेत फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से शोक जताया। राजपाल यादव ने बताया कि वह निधन से करीब दो घंटे पहले ही मुश्ताक खान से मिलने पहुंचे थे।
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मुश्ताक खान के बेटे मोहसिन ने पिता को याद करते हुए लोगों से भावुक अपील भी की। उन्होंने कहा कि यह दुख की घड़ी जरूर है, लेकिन जिन लोगों ने उनके पिता और उनके काम से प्यार किया है, उन्हें दुख मनाने के बजाय उनके जीवन और काम का जश्न मनाना चाहिए। मोहसिन ने कहा कि भले ही उनके पिता अब उनके बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें और उनका काम हमेशा लोगों के साथ रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि मुश्ताक खान दोबारा शूटिंग पर लौटने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन उनकी सेहत ने उनका साथ नहीं दिया।
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मुश्ताक खान का फिल्मी करियर करीब पांच दशक लंबा रहा। उन्होंने 500 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। अपने लंबे करियर में उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और खास तौर पर सहायक एवं कॉमेडी भूमिकाओं के जरिए दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाई। ‘वेलकम’, ‘आशिकी’, ‘दिल है कि मानता नहीं’, ‘साथी’, ‘सड़क’, ‘जुनून’, ‘गुनाह’, ‘सिर’, ‘गदर’ और ‘हेरा फेरी’ जैसी फिल्मों में उनके किरदारों को याद किया जाता है।
मुश्ताक खान के निधन के साथ हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसने करीब पांच दशकों तक अपने अभिनय से फिल्मों का हिस्सा बने रहकर दर्शकों का मनोरंजन किया। उनकी फिल्मों और निभाए गए किरदारों के जरिए उनकी यादें हमेशा दर्शकों के बीच बनी रहेंगी।