KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें 16 से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा और मंजूरी मिलने की संभावना है। बैठक में शिक्षकों-कर्मचारियों को कैशलेस इलाज, अस्पतालों के विस्तार, एक्सप्रेसवे परियोजनाओं, साइबर सुरक्षा और निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े अहम प्रस्ताव शामिल हैं।
कैबिनेट बैठक का प्रमुख प्रस्ताव प्रदेश के करीब 10 लाख शिक्षक-कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने से संबंधित है। इससे कर्मचारियों के परिवारों समेत लगभग 50 लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है। प्रस्ताव के दायरे में सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों, सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों और समग्र शिक्षा परियोजना के पात्र कर्मचारियों को शामिल करने की तैयारी है।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 200 या उससे अधिक बेड वाले चार अस्पतालों को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। वहीं, प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय की क्षमता 1,250 बेड से बढ़ाकर 3,000 बेड करने की योजना है।
डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आईआईटी कानपुर में यूपी साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी विचार हो सकता है। इसका उद्देश्य सरकारी पोर्टलों और संवेदनशील डेटाबेस को साइबर हमलों से सुरक्षित रखना है।
बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रस्तावों में फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के दो पैकेज, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली परियोजना और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के दो पैकेजों के लिए विकासकर्ता का चयन शामिल है।
इसके अलावा, मैनपुरी सैनिक स्कूल के निर्माण के लिए नौनेर ग्राम सभा की 9.524 हेक्टेयर जमीन मुफ्त देने का प्रस्ताव है। प्रयागराज के देवघाट-झलवा में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए टाइप-3 के 533 और टाइप-4 के 312 आवास बनाने की योजना भी एजेंडे में शामिल है। झांसी और ललितपुर में भंडारगृह के लिए राज्य भंडारण निगम को मुफ्त जमीन देने पर भी विचार हो सकता है।
निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एफडीआई, विदेशी पूंजी निवेश और फॉर्च्यून-500 से जुड़ी पात्र कंपनियों को सब्सिडी देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है। इसके साथ ही शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक-2021 में संशोधन, पंचायतीराज सामान्य निवास नियमावली-2026, राज्य पशुधन मिशन, जीसीसी नीति-2024 की उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों, स्टांप अधिनियम-1899 में संशोधन और अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 से जुड़े प्रस्तावों पर भी फैसला होने की संभावना है।