दिल्ली की महिलाओं के लिए बड़ा तोहफा, 1 सितंबर से खाते में आएंगे ₹2500

KNEWS DESK- दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार ने अब इसके भुगतान की तारीख भी तय कर दी है। पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में योजना की पहली किस्त 1 सितंबर 2026 से सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इससे पहले 26 अगस्त से लाभार्थियों को योजना के स्वीकृति पत्र यानी पेंशन मंजूरी से जुड़े दस्तावेज दिए जाएंगे।

दिल्ली सरकार की ओर से 26 अगस्त को तालकटोरा स्टेडियम में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें योजना के पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र सौंपे जाएंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जिला स्तरीय समितियों को आवेदनों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पात्र महिलाओं को समय पर योजना का लाभ मिल सके।

1 अगस्त से शुरू हुआ था रजिस्ट्रेशन

दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल 1 अगस्त 2026 को खोला गया था। सरकार के मुताबिक, शुरुआत के 18 दिनों में ही 8 लाख से ज्यादा महिलाओं ने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि करीब 5 लाख महिलाओं ने अपने आवेदन सफलतापूर्वक जमा किए। आवेदन में गलत या अधूरी जानकारी भरने वाली महिलाओं को सुधार का मौका देने के लिए पोर्टल पर करेक्शन विंडो भी उपलब्ध कराई जाएगी।

हर महीने मिलेंगे 2500 रुपये

योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। भुगतान के लिए सरकार ने दो विकल्प रखे हैं। पहले विकल्प में 1,500 रुपये की राशि लाभार्थी के रिकरिंग डिपॉजिट या फिक्स्ड डिपॉजिट खाते में जमा की जाएगी। इस राशि पर 31 जुलाई 2029 तक लॉक-इन रहेगा। बाकी 1,000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी यानी CBDC वॉलेट के माध्यम से दिए जाएंगे। दूसरे विकल्प में लाभार्थी पूरी 2,500 रुपये की राशि अपने रिकरिंग या फिक्स्ड डिपॉजिट खाते में जमा कराने का विकल्प चुन सकती हैं। इस विकल्प में भी निर्धारित लॉक-इन अवधि लागू होगी।

कौन महिलाएं होंगी पात्र?

लक्ष्मी योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदक महिला, उसके पति या उसके माता-पिता में से किसी का कम से कम 10 साल से दिल्ली का निवासी होना जरूरी है।

इसके अलावा आवेदक का दिल्ली में पंजीकृत मतदाता होना भी पात्रता की प्रमुख शर्तों में शामिल है। योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, दिल्ली वोटर आईडी और आधार से लिंक बैंक खाते जैसे दस्तावेज जरूरी हैं।

किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ?

सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता, GST रिटर्न दाखिल करने वाले और सार्वजनिक पद पर रहने वाले लोग इस योजना के दायरे से बाहर हैं। इसके अलावा ऐसे परिवार जिनके पास चार पहिया वाहन है, जिनकी सालाना बिजली खपत 2,400 यूनिट से ज्यादा है या जिनके तीन से अधिक जीवित बच्चे हैं, वे भी योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।

यदि जांच में कोई लाभार्थी बाद में अपात्र पाई जाती है तो उसकी सहायता बंद की जा सकती है। गलत जानकारी देकर योजना का लाभ लेने पर पहले दी गई राशि की वसूली के साथ कानूनी या प्रशासनिक कार्रवाई भी हो सकती है।

17 लाख से ज्यादा महिलाओं को फायदा मिलने का लक्ष्य

दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 5,110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकार का लक्ष्य दिल्ली की 17 लाख से अधिक महिलाओं तक इस योजना का लाभ पहुंचाना है। आवेदन पूरे साल किए जा सकेंगे और हर महीने के अंत तक प्राप्त आवेदनों को अगले महीने के लाभ के लिए प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

इस योजना के शुरू होने से दिल्ली की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को नियमित वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद है। अब 26 अगस्त से स्वीकृति पत्र वितरण और 1 सितंबर से बैंक खातों में पहली किस्त आने के साथ योजना का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन शुरू हो जाएगा।

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