दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली को लेकर आज फैसला हो सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि इस मुद्दे पर कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के सहयोगियों से चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वहीं, दिल्ली के व्यापारियों को उम्मीद है कि दिवाली के कारोबार को देखते हुए रैली स्थगित की जा सकती है।
Knews Desk– चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने खरगे के बयान का स्वागत किया है। CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखकर दिवाली के बाद रैली आयोजित करने की मांग की थी। उनका कहना है कि पिछले 25 दिनों के धरना-प्रदर्शनों से करीब 3,000 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हो चुका है। प्रदर्शन जारी रहने पर दिवाली तक यह नुकसान 10,000 करोड़ रुपये से अधिक होने की आशंका है।
CTI के मुताबिक, धनतेरस और दिवाली दिल्ली के कारोबार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। संगठन का दावा है कि धनतेरस पर दिल्ली के विभिन्न बाजारों में करीब 25,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में चांदनी चौक, सदर बाजार, कश्मीरी गेट और करोल बाग समेत 20 बड़े बाजार हैं, जहां लगभग तीन लाख व्यापारी काम करते हैं। इन बाजारों से करीब 15 लाख लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है।
व्यापारियों को आशंका है कि रैली के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से यातायात और बाजारों का कामकाज प्रभावित हो सकता है। CTI ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पैदा हुई परेशानियों का हवाला देते हुए रैली को दिवाली के बाद कराने की मांग की है। अब सभी की नजर INDIA ब्लॉक के फैसले पर है।