उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में अजीबोगरीब नाम सामने आने के बाद विवाद शुरू हो गया है। सूची में मतदाताओं और उनके पिता के नाम में गड़बड़ियां मिलने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए गए। सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने गलती स्वीकार करते हुए सफाई दी है।
Knews Desk– मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सोमवार, 26 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया। इसमें उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में हुई गलती स्वीकार है, लेकिन कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं होते। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में यह भी लिखा कि शुक्र है कि राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा, वरना सांप्रदायिक होने का आरोप भी लगता।
आयोग ने इलाहाबाद-झांसी स्नातक एमएलसी चुनाव की मतदाता सूची का स्क्रीनशॉट भी साझा किया। इसमें एक मतदाता के पिता का नाम ‘राम ने शर्मा को मारा’ दर्ज था। इसके अलावा ‘राम ने यादव को मारा’ और पिता के नाम की जगह ‘मूर्ख चंद यादव’ तथा ‘बी.कॉम’ जैसी प्रविष्टियां भी सामने आईं।
इन गड़बड़ियों को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए गए और सूची में जातिगत भेदभाव होने के आरोप भी लगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह की ओर से साझा किए गए एक वीडियो वाले पोस्ट को भी रीपोस्ट किया।
विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में सामने आई इन गलतियों के बाद चुनाव आयोग ने स्पष्टीकरण दिया है। हालांकि, इन प्रविष्टियों के पीछे की वजह को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।