प्रदेश में माध्यमिक विद्यालयों की प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य भर्ती के नियमों को लेकर विवाद सामने आया है। बीपीएड डिग्रीधारक शिक्षकों ने भर्ती के नियमों में अंतर पर नाराजगी जताई है। शिक्षक संघ का कहना है कि दोनों पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता में अलग-अलग नियम लागू किए गए हैं, जिससे बीपीएड धारक शिक्षक प्रधानाचार्य पद के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
Knews Desk– आयोग के नोटिफिकेशन के अनुसार, हाईस्कूल स्तर पर प्रधानाध्यापक पद के लिए बीपीएड डिग्री को बीएड के समकक्ष मानते हुए आवेदन की अनुमति दी गई है। वहीं, इंटरमीडिएट स्तर पर प्रधानाचार्य पद के लिए केवल बीएड को अनिवार्य योग्यता माना गया है। इसके चलते बीपीएड डिग्रीधारक शिक्षक इस पद के लिए आवेदन नहीं कर सकते।
शिक्षकों का कहना है कि विज्ञापन जारी होने से पहले उन्होंने माध्यमिक शिक्षा निदेशक और चयन आयोग के सचिव को ईमेल के जरिए और व्यक्तिगत रूप से प्रत्यावेदन सौंपे थे। उन्होंने दोनों पदों के लिए समान समकक्षता लागू करने की मांग की थी। हालांकि, शिक्षकों के मुताबिक, इस मामले में अब तक नियमों में बदलाव नहीं किया गया है।
इससे नाराज बीपीएड शिक्षक संघ ने अब कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया है। संघ के अनुसार, मामले में कानूनी तैयारी पूरी कर ली गई है और नियमों में इस अंतर को चुनौती देते हुए इसी सप्ताह हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की जाएगी।