KNEWS DESK- सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक हमारी जिंदगी स्क्रीन के इर्द-गिर्द घूमती रहती है. ऑफिस का काम हो, ऑनलाइन मीटिंग हो या फिर सोशल मीडिया स्क्रॉल करना, लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. ज्यादा स्क्रीन टाइम का असर आंखों और नींद पर तो पड़ता ही है, लेकिन त्वचा को लेकर भी सावधानी बरतना जरूरी है.

स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट (Blue Light) को लेकर कुछ शोधों में त्वचा की कोशिकाओं पर संभावित प्रभाव की बात सामने आई है. हालांकि, सामान्य स्क्रीन एक्सपोजर से त्वचा को कितना नुकसान होता है, इस पर अभी और शोध की जरूरत है. फिर भी अगर आपका काम रोजाना कई घंटे स्क्रीन के सामने बैठकर होता है, तो स्किन केयर रूटीन पर ध्यान देना फायदेमंद हो सकता है.
सनस्क्रीन को स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाएं
सनस्क्रीन सिर्फ बाहर निकलने के लिए ही जरूरी नहीं है. दिन के समय इसे स्किन केयर रूटीन में शामिल करना अच्छी आदत है. ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन त्वचा को UVA और UVB किरणों से बचाने में मदद करती है. अगर आप लंबे समय तक खिड़की के पास बैठते हैं या दिन में बाहर भी निकलते हैं, तो सनस्क्रीन को बिल्कुल नजरअंदाज न करें.
त्वचा को मॉइस्चराइज रखना है जरूरी
लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठने के साथ एयर-कंडीशनिंग और कम नमी वाला वातावरण भी त्वचा को रूखा बना सकता है. ऐसे में अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाएं. ऑयली स्किन वाले लोग हल्का जेल-बेस्ड मॉइस्चराइजर चुन सकते हैं, जबकि ड्राई स्किन के लिए थोड़ा ज्यादा हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर बेहतर विकल्प हो सकता है.
स्क्रीन को चेहरे से बहुत पास न रखें
मोबाइल या लैपटॉप को चेहरे के बेहद करीब रखकर इस्तेमाल करने से बचें. स्क्रीन को उचित दूरी पर रखें और लंबे समय तक लगातार स्क्रीन देखने के बजाय बीच-बीच में छोटे ब्रेक लें. इससे आंखों पर पड़ने वाला तनाव कम करने में भी मदद मिल सकती है.
पानी पीना न भूलें
हेल्दी स्किन के लिए शरीर का पर्याप्त हाइड्रेटेड रहना जरूरी है. दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की आदत डालें. हालांकि, सिर्फ ज्यादा पानी पीने से झुर्रियां या एजिंग रुकने का दावा सही नहीं है, लेकिन शरीर में पानी की कमी न होने देना त्वचा समेत पूरे शरीर के लिए जरूरी है.
एंटी-एजिंग के लिए सिर्फ ब्लू लाइट को जिम्मेदार न मानें
चेहरे पर झुर्रियां और फाइन लाइंस उम्र बढ़ने के साथ स्वाभाविक रूप से आती हैं. धूप में ज्यादा रहना, धूम्रपान, नींद की कमी और जीवनशैली जैसे कई दूसरे कारक भी त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए सिर्फ ब्लू लाइट को त्वचा की एजिंग का एकमात्र कारण मानना सही नहीं होगा.
स्क्रीन टाइम के साथ इन आदतों पर भी दें ध्यान
अगर आपका काम स्क्रीन पर निर्भर है, तो एक संतुलित रूटीन अपनाएं. पर्याप्त नींद लें, संतुलित भोजन करें, नियमित ब्रेक लें और दिन के समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें. साथ ही अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार नियमित मॉइस्चराइजिंग करें.
यह लेख सामान्य जानकारी और उपलब्ध शोध पर आधारित है. त्वचा से जुड़ी किसी खास समस्या, एलर्जी या लगातार हो रही परेशानी के लिए त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है.