डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में स्थित प्रसिद्ध अमानगढ़ टाइगर रिजर्व और अन्य अभ्यारण्यों में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार और वन विभाग ने एक बड़ा और अभूतपूर्व फैसला लेते हुए इस साल के पर्यटन सत्र की समय सीमा को 15 दिन के लिए आगे बढ़ा दिया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मानसून की दस्तक को देखते हुए पार्क को 15 जून को बंद किया जाना था, लेकिन अब सरकार के नए आदेश के बाद इसे 30 जून तक पर्यटकों के लिए खुला रखने का निर्णय लिया गया है। यह महत्वपूर्ण आदेश उत्तर प्रदेश की प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वेमुरी द्वारा जारी किया गया है।
मौसम के अनुकूल मिजाज को देखते हुए लखनऊ मुख्यालय ने दी मंजूरी
वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष जून महीने में मौसम का मिजाज काफी अनुकूल बना हुआ है और मानसून के आगमन में थोड़ी देरी होने की संभावना है। सामान्य तौर पर जून के मध्य से भारी बारिश शुरू होने के कारण जंगलों के अंदर बने कच्चे सफारी ट्रैक और रास्ते पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, जिससे दलदल और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से हर साल पारंपरिक रूप से 15 जून को सफारी बंद कर दी जाती थी। परंतु, वर्तमान में मौसम की अनुकूल स्थिति को देखते हुए वन मुख्यालय लखनऊ ने इस अवधि को महीने के अंत तक बढ़ाने की लिखित मंजूरी दे दी है। हालांकि, बिजनौर के डीएफओ (DFO) जय सिंह कुशवाहा ने साफ किया है कि यदि इस बीच अचानक भारी बारिश शुरू होती है, तो पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर सफारी को समय से पहले भी रोका जा सकता है।
जून में वन्यजीवों की साइटिंग के बेहतरीन अवसर, बढ़ेगा राजस्व
वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स और फोटोग्राफर्स का मानना है कि जून के महीने में तेज गर्मी के कारण जंगलों के प्राकृतिक जलस्रोत सूखने लगते हैं। ऐसे में बाघ, हाथी, गुलदार (तेंदुआ), भालू और हिरण जैसे दुर्लभ वन्यजीव पानी पीने के लिए मुख्य वाटर होल्स (कृत्रिम जलस्रोतों) के पास बार-बार आते हैं। अमानगढ़ के प्रवेश मार्ग से जिम कार्बेट पार्क के झिरना गेट तक फैले करीब 16 किलोमीटर लंबे सफारी ट्रैक पर इस दौरान जानवरों को करीब से देखने (साइटिंग) की संभावनाएं सबसे अधिक होती हैं। इसके अलावा, विश्व का सबसे लंबा किंग कोबरा सांप और भालू भी इस अमानगढ जंगल सफारी के मुख्य आकर्षण हैं। डीएफओ जय सिंह कुशवाहा ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि नवंबर 2025 में पर्यटन सत्र शुरू होने से लेकर अब तक लगभग 3,500 से अधिक पर्यटक अमानगढ़ का दौरा कर चुके हैं। समय सीमा में 15 दिनों की इस बढ़ोतरी से पर्यटकों की संख्या और पार्क के राजस्व में और इजाफा होने की पूरी उम्मीद है।