गाजियाबादः जिम ट्रेनरों का पुलिस वेरिफिकेशन और असली नाम वाला आईकार्ड हुआ अनिवार्य, सप्लीमेंट्स-इंजेक्शन पर भी लगी रोक

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में अवैध रूप से संचालित हो रहे जिमों और अपनी पहचान छिपाकर काम करने वाले जिम ट्रेनरों पर जिला प्रशासन ने अपना शिकंजा पूरी तरह कस दिया है। हाल-फिलहाल में जिमों से जुड़ी कई संदेहास्पद और आपराधिक घटनाओं के सामने आने के बाद, जिलाधिकारी (डीएम) रविंद्र कुमार मांदड़ ने बेहद सख्त और नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन के इस कड़े रुख से जिम संचालकों में हड़कंप मच गया है। नए आदेश के तहत जिले के सभी जिमों का प्रशासनिक रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है और नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

पहचान छिपाने वाले ट्रेनरों की अब खैर नहीं, ‘असली नाम’ का आईकार्ड अनिवार्य

जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने कड़े लहजे में कहा कि हाल के दिनों में ऐसे कई गंभीर मामले सामने आए हैं, जिनमें जिम ट्रेनर अपनी असली पहचान और धर्म छिपाकर काम कर रहे थे। नाम बदलकर भोले-भाले लोगों को परेशान करने और उनका ब्रेनवॉश करने की शिकायतें प्रशासन को मिली हैं। इस फैसले को हाल ही में शामली से सामने आए एक चर्चित मामले से भी जोड़कर देखा जा रहा है, जहां एक युवक को जिम ट्रेनर ने अपने जाल में फंसाकर उसका धर्मांतरण करा दिया था। इसके अलावा कई जिम ट्रेनरों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने यह बड़ा कदम उठाया है।

स्थानीय थाने से पुलिस वेरिफिकेशन और कड़े सुरक्षा नियम

नए नियमों के मुताबिक, अब गाजियाबाद के सभी जिमों में काम करने वाले ट्रेनरों का स्थानीय थाने से पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा, ठीक उसी तरह जैसे किराएदारों का कराया जाता है। इससे उनके किसी भी तरह के आपराधिक इतिहास के बारे में आसानी से पता चल सकेगा। इसके साथ ही, ड्यूटी के दौरान हर जिम ट्रेनर को अपने गले में आईडेंटिटी कार्ड (आईकार्ड) लटकाना होगा। इस आईकार्ड पर ट्रेनर का वास्तविक नाम, उसका स्थायी पता और वर्तमान पता स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए, ताकि जिम में आने वाले किसी भी नागरिक से उसकी पहचान छिपी न रहे।

बिना डॉक्टरी सलाह के बॉडी बिल्डिंग सप्लीमेंट और इंजेक्शन पर पूरी तरह रोक

जिम में सेहत बनाने के नाम पर परोसे जा रहे जानलेवा केमिकल और सप्लीमेंट्स के खेल पर भी डीएम ने बड़ा प्रहार किया है। प्रशासन ने जिम परिसर के भीतर बॉडी बढ़ाने वाले सप्लीमेंट्स, प्रोटीन पाउडर और स्टेरॉयड के इंजेक्शन देने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। डीएम ने स्पष्ट हिदायत दी है कि बिना किसी मान्यता प्राप्त डॉक्टर की लिखित सलाह के जिम में किसी भी व्यक्ति को कोई सप्लीमेंट या इंजेक्शन नहीं दिया जाएगा। यदि किसी जिम में अनावश्यक खाद्य पदार्थ या प्रतिबंधित प्रोटीन सप्लीमेंट बेचे जाने की बात सामने आती है, तो ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम वहां छापेमारी कर सख्त एक्शन लेगी।

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