KNEWS DESK – बिहार की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह अचानक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने उनके पटना स्थित 7 सर्कुलर रोड आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक हुई इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
सूत्रों के अनुसार, यह मुलाकात पूरी तरह निजी माहौल में हुई और दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। इस बैठक के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि आरसीपी सिंह की जेडीयू में वापसी का रास्ता धीरे-धीरे खुल सकता है, हालांकि अभी तक किसी भी तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मुलाकात के बाद आरसीपी सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर नीतीश कुमार के साथ अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए बातचीत को सौहार्दपूर्ण बताया। हालांकि, इसके कुछ ही समय बाद मामला तब उलझ गया जब उनके कुछ समर्थकों ने दावा किया कि यह मुलाकात हुई ही नहीं या इसे रोकने की कोशिश की गई। समर्थकों ने आरोप लगाया कि एमएलसी संजय गांधी और ललन सर्राफ ने दोनों नेताओं के बीच मुलाकात को प्रभावित किया, जिसके बाद वहां नाराजगी और नारेबाजी भी देखने को मिली।
हालांकि इस पूरे विवाद पर आरसीपी सिंह की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कौन हैं आरसीपी सिंह?
आरसीपी सिंह बिहार की राजनीति में कभी नीतीश कुमार के सबसे करीबी और भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते थे। 1984 बैच के IAS अधिकारी रहे आरसीपी सिंह ने लंबे प्रशासनिक करियर के बाद राजनीति में कदम रखा और जेडीयू में तेजी से ऊंचे पदों तक पहुंचे। वे संगठनात्मक रणनीति और चुनावी प्रबंधन में अहम भूमिका निभाते रहे।
नीतीश कुमार ने उन्हें राज्यसभा भेजा और बाद में जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाया। इस दौरान उन्हें नीतीश कुमार का “दायां हाथ” माना जाता था।
2021 में जेडीयू से अलग हुए
साल 2021 में वे केंद्रीय इस्पात मंत्री बने, लेकिन इसके बाद जेडीयू के साथ उनके रिश्तों में दरार आ गई। 2022 में जब पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के लिए दोबारा नामित नहीं किया, तो मतभेद खुलकर सामने आ गए। इसके बाद उन्होंने जेडीयू से इस्तीफा देकर अपनी अलग राजनीतिक पार्टी ‘आप सबकी आवाज (ASA)’ बनाई।
मुलाकात के राजनीतिक मायने
लंबे समय बाद हुई इस मुलाकात को बिहार की राजनीति में बेहद अहम माना जा रहा है। कभी नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे आरसीपी सिंह पिछले कुछ समय से उनके प्रति सकारात्मक रुख दिखाते रहे हैं। वहीं, जेडीयू नेतृत्व पहले ही उनकी वापसी की संभावना से इनकार कर चुका है।
हालांकि, इस मुलाकात ने एक बार फिर सियासी अटकलों को हवा दे दी है कि क्या आरसीपी सिंह की घर वापसी संभव है या यह सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात थी।
फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इतना तय है कि इस मुलाकात ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।