KNEWS DESK – अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने दोनों इस्तीफों की पुष्टि की है। हालांकि, अभी तक इन इस्तीफों को औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया है और अंतिम फैसला ट्रस्ट की आगामी बैठक में लिया जाएगा।
दिनभर मीडिया में इस मुद्दे को लेकर अटकलें चलती रहीं, लेकिन अब ट्रस्ट के बयान के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है। इससे पहले चंदा और दान से जुड़े कथित विवाद के बीच दोनों पदाधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे थे, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भी इस्तीफे की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने प्रेस रिलीज जारी कर इस पूरे मामले पर खेद जताया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ आरोप सामने आए हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जांच प्रक्रिया जारी है। साथ ही उन्होंने भक्तों को भरोसा दिलाया कि मंदिर को मिले दान चाहे वह चांदी की ईंटें हों, आभूषण हों या अन्य वस्तुएं—पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका पूरा रिकॉर्ड ट्रस्ट के पास मौजूद है।

स्वामी गोविंद देव गिरी ने यह भी कहा कि इस पूरे प्रकरण के जरिए सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश की गई, लेकिन वह सफल नहीं होगी। उन्होंने भक्तों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें।
उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और उन्हें कानून के तहत कड़ी सजा दिलाई जाएगी। गोविंद देव गिरी ने यह भी भरोसा जताया कि सत्य की जीत होगी और यह पूरा मामला जल्द स्पष्ट हो जाएगा।
फिलहाल, ट्रस्ट ने संकेत दिए हैं कि 11 जुलाई को होने वाली अगली बैठक में दोनों इस्तीफों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही ट्रस्ट की संरचना और आगे की कार्यप्रणाली को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है।