KNEWS DESK – राहुल गांधी से जुड़े कथित दोहरी नागरिकता मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा में आ गया है।
कोर्ट ने दिए जांच के निर्देश
सुनवाई के दौरान जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने कहा कि लगाए गए आरोपों की जांच जरूरी है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह स्वयं जांच करे या फिर मामले को किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपकर विस्तृत जांच कराए।
याचिका पर आया फैसला
यह आदेश बीजेपी कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर आया है। याचिकाकर्ता ने पहले लखनऊ की स्पेशल MP/MLA कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें एफआईआर दर्ज करने की मांग खारिज कर दी गई थी। इससे पहले यह मामला रायबरेली कोर्ट में भी दायर किया गया था, जिसे बाद में लखनऊ ट्रांसफर किया गया था।
क्या हैं आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी के पास कथित तौर पर दोहरी नागरिकता है। इसी आधार पर भारतीय न्याय संहिता, पासपोर्ट एक्ट, फॉरेनर्स एक्ट और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत जांच और एफआईआर की मांग की गई थी।
कोर्ट के आदेश के बाद याचिकाकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने सोशल मीडिया पर इसे “ऐतिहासिक फैसला” बताया और जांच प्रक्रिया में सहयोग की बात कही। साथ ही उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और केंद्र सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।