लोकसभा में राहुल गांधी का सरकार पर हमला, बोलें- ‘महिला आरक्षण नहीं, चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश

डिजिटल डेस्क- लोकसभा में नारी शक्ति वंदन समेत तीन अहम विधेयकों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। अपने भाषण में उन्होंने महिला आरक्षण बिल को लेकर सवाल उठाते हुए इसे महिलाओं के सशक्तिकरण के बजाय “चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश” करार दिया। उनके बयान के दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ और सत्ता पक्ष के सांसदों ने तीखी आपत्ति जताई। राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत एक निजी किस्से से की। उन्होंने कहा कि बचपन में उन्हें अंधेरे से बहुत डर लगता था और उनके घर का एक कुत्ता उन पर और उनकी बहन प्रियंका गांधी पर हमला करता था। उन्होंने बताया कि उनकी दादी इंदिरा गांधी ने एक दिन उन्हें अंधेरे में बगीचे में बंद कर दिया और समझाया कि असली डर हमारे दिमाग में होता है। राहुल ने कहा कि यह एक बड़ा राजनीतिक सबक था सच्चाई का सामना करना पड़ता है, चाहे वह अंधेरे में ही क्यों न हो।

महिला आरक्षण को लेकर सरकार पर साधा निशाना

इसके बाद उन्होंने महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह असल में महिलाओं का बिल नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संविधान से ज्यादा “मनुवाद” में विश्वास करती है और OBC, दलितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के अधिकारों को कमजोर कर रही है। राहुल ने कहा, “आप OBC और दलितों को हिंदू तो कहते हैं, लेकिन उन्हें उनके अधिकार नहीं देते।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जाति जनगणना को दरकिनार कर रही है और प्रतिनिधित्व को सीमित करने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी ने कहा कि 2023 में पारित मूल महिला आरक्षण कानून ही असली था, लेकिन उसे लागू करने में जानबूझकर देरी की गई।

किरेन रिजिजू ने बीच में टोका

इस दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी को बीच में टोका और सवाल उठाया कि कांग्रेस ने 60 वर्षों के शासन में OBC आरक्षण क्यों नहीं दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी OBC आरक्षण के विरोध में थे। राहुल गांधी ने अपने भाषण में परिसीमन के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और अटल बिहारी बाजपेई दोनों ने इसके खतरों को समझते हुए इसे लागू नहीं किया था। उन्होंने कहा कि विपक्ष यह सुनिश्चित करेगा कि “भारत संघ” में लोगों के प्रतिनिधित्व के साथ कोई छेड़छाड़ न हो।

बिल के माध्यम से सरकार दो संदेश देना चाहती है- राहुल गांधी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरकार दो संदेश देना चाहती है पहला, चुनावी नक्शा बदलना और दूसरा, खुद को महिलाओं का समर्थक दिखाना। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में “जादूगर” शब्द का इस्तेमाल करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए, जिससे सदन में विवाद और बढ़ गया। राहुल गांधी के इस बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे असंसदीय बताते हुए माफी की मांग की। वहीं, स्पीकर ओम बिड़ला ने भी सदन में शांति बनाए रखने और संसदीय भाषा के उपयोग की अपील की।

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