दिल्ली के वोटर बने राघव चड्ढा, AAP ने उठाए सवाल; चुनाव आयोग से मांगा जवाब

Knews Desk – बीजेपी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम दिल्ली की वोटर लिस्ट में जुड़ने के बाद आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। AAP का आरोप है कि राघव चड्ढा का नाम दिल्ली के राजिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में तय प्रक्रिया का पालन किए बिना जोड़ा गया। पार्टी ने चुनाव आयोग से इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है।

दरअसल, राघव चड्ढा पहले पंजाब के मतदाता थे। हाल ही में पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से उनका नाम हटाकर उसके आगे ‘शिफ्टेड’ लिखा गया था। इसके बाद चड्ढा ने आम आदमी पार्टी पर राजनीतिक बदले की भावना से उनका और उनके परिवार का नाम वोटर लिस्ट से हटाने का आरोप लगाया था। अब दिल्ली की वोटर लिस्ट में उनका नाम जुड़ने के बाद AAP ने इस पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं ने 8 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूछा कि 7 सितंबर को राघव चड्ढा का नाम दिल्ली की मतदाता सूची में किस नियम और किस प्रक्रिया के तहत जोड़ा गया।

दिल्ली AAP के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि 31 अगस्त को संबंधित मतदान केंद्र की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 746 मतदाता थे। इसके बाद राघव चड्ढा का नाम अतिरिक्त मतदाता के तौर पर दिखाई दिया। उन्होंने चुनाव आयोग से इस प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। हालांकि, चुनाव अधिकारियों ने AAP के आरोपों पर सफाई दी है। अधिकारियों के मुताबिक राघव चड्ढा का नाम मतदाता सूची में अपडेट प्रक्रिया के तहत जोड़ा गया है। उनका नाम पंजाब की वोटर लिस्ट से हटाया जा चुका है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए मंजूर किए गए करीब 700 फॉर्म-6 में राघव चड्ढा का आवेदन भी शामिल है।

अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में SIR की प्रक्रिया के तहत 31 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई थी। इस दौरान नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए बड़ी संख्या में फॉर्म-6 जमा किए गए। दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान भी हजारों नए आवेदन मिले हैं। इन आवेदनों की जांच और मंजूरी के बाद नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी की जाएगी। वहीं, AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने इस मामले में बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 3 सितंबर तक राघव चड्ढा पंजाब के मतदाता थे और इसके कुछ ही दिनों बाद उनका नाम दिल्ली की वोटर लिस्ट में शामिल हो गया। उन्होंने चुनाव आयोग से यह स्पष्ट करने की मांग की कि क्या राघव चड्ढा का वोट पंजाब से दिल्ली ट्रांसफर हुआ है और क्या उनका EPIC नंबर वही है।

अनुराग ढांडा ने SIR प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर मुद्दा बताया।

AAP नेताओं ने राघव चड्ढा के 3 सितंबर के उस बयान का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से अपना नाम हटाए जाने पर सवाल उठाया था। अब दिल्ली की वोटर लिस्ट में उनका नाम जुड़ने के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।

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