KNEWS DESK- 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुई हिंसा ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। दुबई से तेल अवीव जा रहे बोइंग 737 MAX 8 में 174 लोग सवार थे। विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर था, तभी ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर दिया।
हमले के बाद विमान करीब 16 हजार फीट नीचे चला गया। इस दौरान पहले इमरजेंसी कोड 7700 और फिर 7500 भेजा गया, जो विमान में गैरकानूनी दखल का संकेत है। घायल कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमाम को काबू किया। विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
हमाम की पृष्ठभूमि सामने आने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह ओमान का नागरिक है और 2024 में ओमान एयर में उसकी उड़ान ट्रेनिंग रोक दी गई थी। उस समय कथित चरमपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा चिंता जताई गई थी। हालांकि, इन दावों की जांच जारी है। घटना की जांच कई देशों तक पहुंच गई है। ओमान में हमाम के पुराने रिकॉर्ड की जांच हो रही है, जबकि UAE ने विशेष जांच टीम बनाई है। भारत का संबंध कैप्टन स्मित मछार से है, जिन्होंने हमले के बावजूद विमान को सुरक्षित उतारने में अहम भूमिका निभाई।
इजराइल में भी मामले की जांच हो रही है क्योंकि विमान तेल अवीव जा रहा था और ज्यादातर यात्री इजराइली थे। सऊदी अरब ने विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई। सीरिया और फिलिस्तीन से जुड़े हमाम के कथित संबंधों की भी जांच की जा रही है। वहीं ईरान को लेकर अटकलें सामने आई हैं, लेकिन फिलहाल उसकी भूमिका का कोई सबूत नहीं मिला है। अमेरिका में भी इस घटना को लेकर सवाल उठाए गए हैं।