संसद में बार-बार हंगामे पर PM मोदी ने जताई चिंता, बोले- नए सांसदों को बोलने का मौका न मिलना उनके साथ अन्याय

KNEWS DESK- संसद के मानसून सत्र के दौरान लगातार बाधित हो रही कार्यवाही को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंता जताई है। सांसदों के साथ एक बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि सदन में हंगामे और व्यवधान के कारण कई नए सांसद अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। उन्होंने इसे नए सांसदों के साथ अन्याय बताया और सभी सांसदों से संसदीय बहस में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने की अपील की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अलग-अलग दलों के सांसदों के साथ नाश्ते पर मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में शिवसेना, NCPI, NCP (अजित पवार) समेत विभिन्न दलों के करीब 45 सांसद शामिल हुए। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सांसदों से संसदीय कामकाज, अपने क्षेत्र के विकास और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

नए सांसदों को नहीं मिल पा रहा बोलने का मौका

प्रधानमंत्री मोदी ने संसद की कार्यवाही में लगातार आ रहे व्यवधान का मुद्दा उठाया। उन्होंने सांसदों से कहा कि वे सदन में होने वाली बहस में हिस्सा लें और अपनी बात मजबूती से रखें। इसके लिए उन्होंने सांसदों को संसदीय इतिहास पढ़ने और पिछली बहसों को समझने की सलाह भी दी। पीएम मोदी ने कहा कि संसद में पुराने रिकॉर्ड और बहस से जुड़ी काफी सामग्री उपलब्ध है, जिसका इस्तेमाल सांसद अपनी तैयारी के लिए कर सकते हैं। उनका जोर इस बात पर था कि सांसद सदन में पूरी तैयारी के साथ आएं और महत्वपूर्ण विषयों पर होने वाली चर्चा में सक्रिय भूमिका निभाएं।

मानसून सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिला है। कई बार हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। ऐसे में नए सांसदों को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलने को लेकर प्रधानमंत्री ने चिंता जताई।

‘राज्य आगे बढ़ेंगे, तभी देश आगे बढ़ेगा’

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को अपने-अपने राज्यों और संसदीय क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति राज्यों की प्रगति से जुड़ी हुई है। राज्य आगे बढ़ेंगे तभी देश भी तेजी से आगे बढ़ सकेगा। पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि वे अपने संसदीय क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। अगर किसी विकास कार्य में केंद्र के स्तर पर सहयोग की आवश्यकता हो तो संबंधित स्तर पर संपर्क कर समस्या का समाधान कराने की कोशिश करें।

प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर राज्यों के विकास का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सांसदों से कहा कि देश के हर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है। बैठक के बाद NCPI सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने भी बताया कि प्रधानमंत्री के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को लेकर बातचीत हुई।

जनता के बीच जाएं, उनकी समस्याएं समझें

प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को जनता से लगातार संपर्क बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सांसद गरीबों, मजदूरों और किसानों समेत समाज के अलग-अलग वर्गों से मिलें और उनकी समस्याओं को समझें। जनप्रतिनिधियों के लिए अपने क्षेत्र की जरूरतों और लोगों की परेशानियों की जानकारी होना जरूरी है। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने सांसदों से व्यक्तिगत रूप से भी बातचीत की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने सांसदों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह देते हुए कहा कि देश और जनता की सेवा के लिए स्वस्थ रहना भी जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने सांसदों को लगातार अपडेट रहने और देश-दुनिया में हो रहे बदलावों की जानकारी रखने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि संसदीय जिम्मेदारी केवल सदन में मौजूद रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि सांसदों को अपने क्षेत्र और देश के विकास में सक्रिय योगदान देना चाहिए। पीएम मोदी ने बैठक में यह संदेश भी दिया कि सरकार के लिए किसी राजनीतिक दल का महत्व केवल उसके सांसदों की संख्या से तय नहीं होता। उनके मुताबिक, एक सांसद वाले दल को भी उतना ही सम्मान और महत्व दिया जाना चाहिए जितना अधिक सांसदों वाले दलों को मिलता है।

संसद के मानसून सत्र में जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खास तौर पर नए सांसदों को सदन में अपनी बात रखने का अवसर देने और संसदीय बहस को मजबूत बनाने पर उन्होंने जोर दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *