KNews Desk: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने एक विशेष पत्र यानी ‘पाती’ के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेशों को याद करते हुए लोगों से सत्य, धर्म, कर्म और सामाजिक समरसता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपना संदेश साझा किया।
सीएम योगी ने कहा कि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की अर्धरात्रि में मथुरा के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य असत्य और अन्याय के अंधकार के बीच सत्य और धर्म के प्रकाश का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन आज भी समाज और शासन के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
बाल लीलाओं में छिपे सामाजिक संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन की कथाएं नहीं हैं, बल्कि उनमें गहरे आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश छिपे हैं। माखन चोरी की लीला सहजता और निश्छलता का प्रतीक है, जबकि गोप-गोपियों के साथ उनकी आत्मीयता प्रेम, समरसता और सामाजिक एकता का संदेश देती है।
उन्होंने कालिय नाग के दमन को अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक बताया। वहीं, गोवर्धन पर्वत धारण करने की घटना के माध्यम से प्रकृति, पशुधन और कृषि आधारित जीवन के संरक्षण का संदेश मिलने की बात कही। सीएम योगी ने कहा कि गोवर्धन पूजा सामूहिक एकजुटता और सहयोग की शक्ति को भी दर्शाती है।
श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता का किया उल्लेख
सीएम योगी ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची मित्रता पद, प्रतिष्ठा और संपन्नता पर निर्भर नहीं होती, बल्कि आत्मीयता और विश्वास से बनती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज को समरसता, समानता और आत्मीयता की सबसे ज्यादा जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण कुलीनता के नहीं, बल्कि समरसता के प्रतीक हैं। उन्होंने अपने जीवन में समाज के विभिन्न वर्गों के साथ खड़े होकर समानता और लोकमंगल का संदेश दिया।
लोककल्याणकारी शासन की प्रेरणा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि योगेश्वर श्रीकृष्ण का जीवन लोककल्याणकारी शासन की मूल भावना की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भी इसी भावना के साथ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान, सुरक्षा और अवसर उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने गरीबी मुक्त उत्तर प्रदेश, युवाओं को रोजगार, किसानों को सहयोग और बेटियों को समान अवसर उपलब्ध कराने को सरकार की प्राथमिकताओं में बताया।
गीता का संदेश आज भी प्रासंगिक
सीएम योगी ने कहा कि भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म, ज्ञान और कर्तव्य का जो मार्ग दिखाया, वह किसी एक युग तक सीमित नहीं है। यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती मथुरा, गोकुल, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और नंदगांव जैसे पवित्र स्थलों के कारण श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके संदेशों की जीवंत भूमि है।
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से जन्माष्टमी पर सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, सामाजिक समरसता और विकसित एवं गौरवशाली उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने लोगों से भगवान श्रीकृष्ण के सत्य, धर्म, कर्म और लोकमंगल के संदेश को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।