KNEWS DESK- मुसीबत कभी बताकर नहीं आती। ऐसे में आपका स्मार्टफोन सिर्फ कॉल और इंटरनेट चलाने का जरिया नहीं, बल्कि इमरजेंसी के समय मदद बुलाने का साधन भी बन सकता है। आजकल iPhone और कई Android स्मार्टफोन में Emergency SOS जैसे फीचर्स दिए जाते हैं, जिनकी मदद से मुश्किल स्थिति में कुछ बटन दबाकर सहायता मांगी जा सकती है।
Emergency SOS को इस्तेमाल करने से पहले इसकी सेटिंग्स को समझना और जरूरी जानकारी अपडेट करना बेहद जरूरी है। इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स जोड़ने के साथ मेडिकल जानकारी और लोकेशन शेयरिंग जैसी सुविधाओं को भी जरूरत के मुताबिक एक्टिव किया जा सकता है।
Emergency SOS आखिर कैसे करता है काम
अगर आप किसी हादसे में फंस गए हैं, अचानक गिर गए हैं या ऐसी स्थिति में हैं जहां फोन को सामान्य तरीके से इस्तेमाल करना संभव नहीं है, तो Emergency SOS मददगार हो सकता है। निर्धारित बटन दबाने पर फोन इमरजेंसी कॉल शुरू कर सकता है। कुछ डिवाइस में इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स को मैसेज या लोकेशन भेजने की सुविधा भी मिलती है। हालांकि सभी स्मार्टफोन में SOS के फीचर्स एक जैसे नहीं होते। फोन का मॉडल, ऑपरेटिंग सिस्टम और क्षेत्र के हिसाब से विकल्प अलग हो सकते हैं।
iPhone में Emergency SOS कैसे एक्टिव करें
iPhone में Emergency SOS की सेटिंग्स के लिए Settings खोलकर Emergency SOS सेक्शन में जाएं। यहां उपलब्ध विकल्पों के अनुसार आप SOS कॉल का तरीका चुन सकते हैं।
Call with Hold and Release जैसे विकल्प को एक्टिव करने पर साइड बटन और वॉल्यूम बटन को दबाकर इमरजेंसी कॉल शुरू की जा सकती है। कुछ मॉडल में साइड बटन को पांच बार दबाने वाला विकल्प भी उपलब्ध होता है।
इसके बाद Health ऐप में जाकर Medical ID को अपडेट करना उपयोगी रहेगा। इसमें जरूरी मेडिकल जानकारी और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स जोड़े जा सकते हैं। Show When Locked विकल्प उपलब्ध होने पर इसे एक्टिव करने से लॉक स्क्रीन से भी जरूरी मेडिकल जानकारी देखी जा सकती है।
कुछ नए iPhone मॉडल में गंभीर कार क्रैश का पता लगाने जैसी सुविधा भी दी जाती है। उपलब्धता डिवाइस और क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती है।
Android फोन में ऐसे करें SOS सेटअप
Android स्मार्टफोन में Emergency SOS की सेटिंग फोन बनाने वाली कंपनी और Android वर्जन के अनुसार अलग जगह हो सकती है। आमतौर पर Settings में Safety & emergency या इसी तरह के सेक्शन में SOS से जुड़े विकल्प मिलते हैं।
सबसे पहले Emergency contacts में अपने परिवार या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को जोड़ें। इसके बाद Medical information में जरूरी जानकारी दर्ज करें। अगर लॉक स्क्रीन पर मेडिकल जानकारी दिखाने का विकल्प मौजूद है, तो उसे अपनी जरूरत के अनुसार एक्टिव किया जा सकता है।
Emergency SOS सेक्शन में जाकर दिए गए निर्देशों के मुताबिक SOS ट्रिगर सेट करें। कई डिवाइस में पावर बटन को तेजी से कई बार दबाने से SOS शुरू करने का विकल्प मिलता है। कुछ फोन में इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स के साथ लोकेशन शेयरिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं।
Google Pixel और Samsung जैसे फोन में SOS और Safety से जुड़े विकल्प अलग-अलग मेन्यू में मिल सकते हैं। इसलिए अपने फोन के मॉडल के हिसाब से सेटिंग्स देखना जरूरी है।
इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स जरूर जोड़ें
Emergency SOS का फायदा तभी ज्यादा मिल सकता है जब फोन में भरोसेमंद इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स पहले से सेव हों। परिवार के सदस्य या ऐसे व्यक्ति का नंबर जोड़ें जो जरूरत पड़ने पर तुरंत संपर्क कर सके। कॉन्टैक्ट जोड़ने के बाद संबंधित व्यक्ति को यह भी बता दें कि उसका नंबर आपके Emergency SOS में शामिल किया गया है। इससे किसी अलर्ट की स्थिति में वह इसे समझकर उचित कदम उठा सकेगा।
मेडिकल जानकारी अपडेट रखना भी जरूरी
अगर आपको कोई एलर्जी है या ऐसी मेडिकल जानकारी है जो इमरजेंसी में डॉक्टरों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, तो फोन में उपलब्ध Medical ID या Medical Information सेक्शन में उसे अपडेट रखा जा सकता है। साथ ही समय-समय पर यह भी जांचते रहें कि पुराना फोन नंबर या ऐसा कॉन्टैक्ट तो सेव नहीं है जिससे अब संपर्क नहीं हो सकता।
SOS सेट करने के बाद जरूर करें टेस्ट
सेटिंग्स करने के बाद यह देख लें कि Emergency SOS का विकल्प आपके फोन में किस तरह एक्टिव होता है। हालांकि बिना जरूरत वास्तविक इमरजेंसी कॉल ट्रिगर करने से बचें। इसके बजाय फोन की सेटिंग्स में दिए गए डेमो या निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। यह भी जांच लें कि इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स सही हैं, मेडिकल जानकारी अपडेट है और जरूरत पड़ने पर लोकेशन शेयरिंग कैसे काम करेगी।
नेटवर्क न होने पर क्या होगा
हर फोन और हर क्षेत्र में Emergency SOS एक जैसा काम नहीं करता। सामान्य इमरजेंसी कॉल के लिए मोबाइल नेटवर्क की जरूरत हो सकती है। कुछ डिवाइस में सैटेलाइट के जरिए इमरजेंसी सहायता का विकल्प भी मिलता है, लेकिन यह सुविधा मॉडल, देश और उपलब्ध सेवा पर निर्भर करती है। इसलिए यह मानकर न चलें कि हर जगह SOS बिना नेटवर्क के काम करेगा। अपने स्मार्टफोन के मॉडल और क्षेत्र के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी पहले से जरूर देख लें।
Emergency SOS एक उपयोगी सुरक्षा फीचर है, लेकिन इसे इमरजेंसी सेवाओं का विकल्प नहीं समझना चाहिए। फोन का सॉफ्टवेयर अपडेट रखें, इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स सही रखें और अपने डिवाइस में उपलब्ध SOS विकल्पों की जानकारी पहले से हासिल कर लें।