‘टीचर नहीं हैं, खाना भी खराब’… लखनऊ में छात्राओं ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

KNEWS DESK- लखनऊ में सोमवार सुबह सरकारी आवासीय स्कूल की करीब 200 छात्राएं अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतर आईं। छात्राओं ने स्कूल से बाहर निकलकर लखनऊ-डुबग्गा रोड को जाम कर दिया और शिक्षकों की कमी, खराब गुणवत्ता वाले भोजन समेत कई अन्य समस्याओं के खिलाफ विरोध जताया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण व्यस्त सड़क पर यातायात प्रभावित रहा।

प्रदर्शन करने वाली छात्राएं पारा क्षेत्र स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय फॉर गर्ल्स की बताई जा रही हैं। छात्राएं स्कूल के पिछले गेट से बाहर निकलीं और सड़क पर पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

छात्राओं ने आरोप लगाया कि स्कूल में पर्याप्त संख्या में शिक्षक नहीं हैं, जिसकी वजह से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके अलावा उन्हें स्कूल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायत है। छात्राओं ने प्रशासन से इन समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।

सड़क पर बैठकर जताया विरोध

प्रदर्शन के दौरान कई छात्राएं सड़क पर बैठ गईं, जबकि कुछ ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर मानव श्रृंखला बनाई। छात्राओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं। उनका कहना था कि जब तक वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं नहीं सुनेंगे, तब तक वे अपना प्रदर्शन जारी रखेंगी। प्रदर्शन के कारण लखनऊ-डुबग्गा मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क पर वाहनों की आवाजाही रुकने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

छात्राओं ने मांग की कि स्कूल की व्यवस्थाओं की जांच कराई जाए और शिक्षकों की कमी को जल्द दूर किया जाए। साथ ही भोजन की गुणवत्ता में सुधार और छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।

पुलिस और अधिकारियों ने संभाली स्थिति

प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी छात्राओं से बातचीत करने के लिए पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं की समस्याएं सुनीं और उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद करीब दो घंटे तक चला प्रदर्शन समाप्त हुआ। इसके बाद सड़क पर यातायात व्यवस्था को सामान्य करने की कोशिश की गई।

तीन दिन पहले छात्रों ने भी किया था प्रदर्शन

खास बात यह है कि इसी स्कूल के बालक परिसर में भी कुछ दिन पहले इसी तरह का विरोध प्रदर्शन हुआ था। सोमवार के प्रदर्शन से तीन दिन पहले 100 से अधिक छात्र स्कूल से जुड़ी समस्याओं को लेकर विरोध में उतरे थे। लड़कों ने भी शिक्षकों की कमी और अन्य समस्याओं को लेकर अपनी नाराजगी जताई थी। अब छात्राओं के सड़क पर उतरने के बाद स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं।

लगातार हो रहे इन प्रदर्शनों से साफ है कि छात्र स्कूल में पढ़ाई और रहने से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को लेकर असंतुष्ट हैं। छात्राओं ने प्रशासन से सिर्फ आश्वासन के बजाय समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की है।

स्कूल की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

सरकारी आवासीय विद्यालयों में छात्रों को पढ़ाई के साथ रहने और भोजन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसे में शिक्षकों की कमी और भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल प्रशासन की ओर से छात्राओं की शिकायतों के समाधान का आश्वासन दिया गया है। अब यह देखना होगा कि शिक्षकों की कमी, भोजन की गुणवत्ता और अन्य समस्याओं को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

लगातार दो परिसरों के छात्रों के प्रदर्शन के बाद स्कूल प्रशासन और जिला अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों का भरोसा बहाल करना और उनकी मूलभूत समस्याओं का जल्द समाधान करना है।

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