KNEWS DESK – NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई है। दिल्ली में CJP के संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर उन्होंने चिंता जताई और सरकार से छात्रों के साथ संवाद करने की अपील की है।
NEET पेपर लीक विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों और विपक्ष का विरोध जारी है। इसी बीच समाजसेवी अन्ना हजारे ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।
अन्ना हजारे ने कहा कि लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान संवाद के जरिए होना चाहिए, न कि दमन के जरिए। उन्होंने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेने और सरकार से बातचीत कर रास्ता निकालने की अपील की।
छात्रों के समर्थन में करेंगे मौन आंदोलन
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज से आहत अन्ना हजारे अब मौन आंदोलन करेंगे। वह अहिल्यानगर के वाडिया पार्क स्थित गांधी स्मारक पर सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराएंगे।
इस आंदोलन स्थल को प्रतीकात्मक रूप से ‘नगर का जंतर-मंतर’ नाम दिया जाएगा। अन्ना हजारे ने कहा कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक मूल्यों और छात्रों की आवाज के समर्थन में होगा।
‘पेपर लीक और बेरोजगारी गंभीर मुद्दे’
अन्ना हजारे ने कहा कि पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रिया में देरी जैसे मुद्दे युवाओं के भविष्य से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि जनभावना के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ सकारात्मक बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
CJP ने सरकार के सामने रखी शर्त
वहीं, जंतर-मंतर पर CJP का विरोध प्रदर्शन जारी है। संगठन के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दोबारा बातचीत के लिए बुलाया है, लेकिन उनकी कुछ शर्तें हैं।
सौरव दास ने कहा कि CJP किसी नेता के घर या ऑफिस जाकर बैठक नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि बातचीत किसी न्यूट्रल जगह पर होनी चाहिए और सरकार को पहले छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेना होगा।