वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी… कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला, सिर्फ असली लाभार्थियों को मिलेगा 5 गारंटियों का लाभ

डिजिटल डेस्क- कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की महत्त्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने वाले नागरिकों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए साफ कर दिया है कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का फायदा अब केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा, जिनके नाम वोटर लिस्ट यानी मतदाता सूची में शामिल होंगे। सरकार के इस कदम का सीधा मकसद योजनाओं में पारदर्शिता लाना और फर्जी लाभार्थियों को बाहर करना है। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने राज्य के सभी नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे वर्तमान में चल रहे ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) के दौरान मतदाता सूची में अपने नाम की जांच जरूर कर लें। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन और अधिकारियों को यह सख्त हिदायत भी दी है कि वेरिफिकेशन की इस नई सख्ती की वजह से किसी भी वास्तविक और हकदार लाभार्थी को लाभ मिलने में कोई रुकावट या परेशानी नहीं आनी चाहिए।

इन 5 मुख्य योजनाओं पर लागू होगा नया नियम

कर्नाटक सरकार की जिन पांच मुख्य गारंटियों पर यह नियम लागू होने जा रहा है, उनमें ‘गृह ज्योति’ योजना प्रमुख है जिसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 200 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाती है और सीएम ने साफ किया है कि इसका लाभ अब केवल रजिस्टर्ड वोटर्स को ही मिलेगा। इसके अलावा महिलाओं को सशक्त बनाने वाली ‘गृह लक्ष्मी’ योजना भी इसमें शामिल है, जिसके तहत परिवार की महिला मुखिया को हर महीने ₹2,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। गरीब परिवारों के लिए चलाई जा रही ‘अन्न भाग्य’ योजना के तहत BPL कार्ड धारकों के हर सदस्य को हर महीने 10 किलो मुफ्त चावल दिया जाता है। युवाओं के लिए शुरू की गई ‘युवा निधि’ योजना के अंतर्गत 18 से 25 साल के बेरोजगार ग्रेजुएट्स को ₹3,000 और डिप्लोमा होल्डर्स को दो साल तक ₹1,500 प्रति माह का भत्ता मिलता है। वहीं, पांचवीं ‘शक्ति’ योजना के तहत राज्य की महिलाओं को गैर-लग्जरी सरकारी बसों में मुफ्त सफर की सुविधा दी जाती है। अब इन सभी का लाभ उठाने के लिए वोटर आईडी का वेरिफिकेशन बेहद जरूरी होगा।

ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट के बाद लिया गया एक्शन

सरकार को वेरिफिकेशन का यह सख्त कदम हाल ही में आई ऑडिटर जनरल की एक समीक्षा रिपोर्ट के बाद उठाना पड़ा है। इस आधिकारिक रिपोर्ट में ‘गृह लक्ष्मी’ योजना के क्रियान्वयन में एक बड़ी वित्तीय गड़बड़ी का खुलासा हुआ था, जिसमें पाया गया कि कई अलग-अलग महिला लाभार्थियों का पैसा केवल एक ही बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जा रहा था। रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, इस लूपहोल का फायदा उठाकर लगभग 3 लाख किस्तों के जरिए करीब ₹60 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी कर दी गई थी, जिसकी जांच और सुधार के लिए अब यह सख्ती की जा रही है।

बैंक अकाउंट बदलने वाले लाभार्थियों को मिलेगी राहत

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शिवकुमार ने उन व्यावहारिक मामलों का भी जिक्र किया, जहां महिलाओं ने पहले से बैंक से लोन ले रखा था। जैसे ही सरकार की तरफ से ‘गृह लक्ष्मी’ योजना के ₹2,000 उनके खाते में क्रेडिट होते थे, बैंक उस रकम को लोन की किस्त के रूप में काट लेता था। इस स्थिति से बचने के लिए कई महिलाओं ने चालाकी से अपने बैंक अकाउंट ही बदल लिए थे। इस मानवीय पहलू पर सहानुभूति जताते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ऐसी महिलाओं को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और उनके खातों का सही तरीके से निपटारा किया जाना चाहिए।

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