ममता बनर्जी का इस्तीफा देने से इनकार, कहा—मैं राजभवन नहीं जाऊंगी, बंगाल में 100 सीटों पर हुई वोटों की लूट

डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में राजनीतिक और संवैधानिक गतिरोध पैदा हो गया है। कार्यवाहक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वे लोकभवन (राजभवन) जाकर अपना इस्तीफा नहीं देंगी। ममता बनर्जी ने प्रेस वार्ता के दौरान बेहद आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा कि उनके इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि यह हार जनता की नहीं, बल्कि मशीनरी की साजिश है। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी चुनाव हारी नहीं है, बल्कि उसे सुनियोजित तरीके से हराया गया है। ममता ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कहा कि नैतिक रूप से उनकी जीत हुई है और वह अब एक ‘आजाद पंछी’ की तरह इस अन्याय के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।

चुनाव आयोग पर ‘खलनायक’ होने का आरोप और EVM पर सवाल

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को इस पूरे चुनावी घटनाक्रम का सबसे बड़ा “खलनायक” करार दिया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि आयोग ने संवैधानिक अधिकारों को लूटने का काम किया है। ममता ने ईवीएम (EVM) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा कि मतदान खत्म होने के बाद भी मशीनों में 90-95% चार्ज कैसे रह सकता है, जबकि तकनीकी रूप से इसे काफी कम होना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से दो दिन पहले ही उनके करीबियों पर छापेमारी शुरू कर दी गई और टीएमसी के वफादार आईएएस व आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर भाजपा ने सीधे चुनाव आयोग के साथ मिलकर ‘बेटिंग’ (सट्टेबाजी) का गंदा खेल खेला।

मतदाता सूची में धांधली और केंद्रीय बलों का ‘टॉर्चर’

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए मतदाता सूची (SIR) के साथ खिलवाड़ किया गया और लगभग 90 लाख मतदाताओं के नाम काट दिए गए। उन्होंने कहा कि जब वे कोर्ट गए तो केवल 32 लाख नाम ही वापस जोड़े जा सके, जो इस साजिश की भयावहता को दर्शाता है। ममता ने भावुक होते हुए कहा कि मतदान के दौरान उन्हें और उनके कार्यकर्ताओं को केंद्रीय बलों के माध्यम से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें धक्का मारते हुए बूथ से बाहर निकाला गया और उनके पोलिंग एजेंटों को बेरहमी से पीटा गया। ममता ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर सीधा दखल देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में इतना ‘घटिया और गंदा’ चुनाव कभी नहीं देखा।

‘इंडी गठबंधन’ के साथ मिलकर ‘बाउंस बैक’ करने का संकल्प

सत्ता के समीकरण बदलने के बावजूद ममता बनर्जी ने भविष्य के लिए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और उद्धव ठाकरे समेत ‘इंडी गठबंधन’ के सभी साथियों ने उन्हें फोन कर अपना पूरा समर्थन दिया है। उन्होंने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव कल उनसे मिलने कोलकाता आ रहे हैं। ममता ने कहा कि अब उनके पास मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं है, इसलिए वे एक आम आदमी की तरह पूरी दुनिया में यह संदेश देंगी कि भारत में किस तरह लोकतंत्र का गला घोंटा गया है। उन्होंने संकल्प लिया कि वह अब पूरे देश में घूम-घूमकर विपक्षी गठबंधन को और अधिक मजबूत करेंगी और भाजपा की इस तानाशाही के खिलाफ मजबूती से ‘बाउंस बैक’ करेंगी।

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