राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा एक्शन, SIT रिपोर्ट के बाद 8 लोगों पर FIR दर्ज

KNEWS DESK – अयोध्या में राम मंदिर दान से जुड़े कथित चोरी मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर अयोध्या थाने में 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306, 316(5), 317(4), 61 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें ट्रस्ट से जुड़े छह कैशियरों के नाम भी शामिल हैं, जबकि चंपत राय या अनिल मिश्रा जैसे किसी बड़े नाम का उल्लेख नहीं है।

सूत्रों के मुताबिक, जांच में सामने आए CCTV फुटेज में कुछ लोगों को कथित तौर पर चोरी करते और उसमें मदद करते हुए देखा गया था, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

किन धाराओं में क्या सजा हो सकती है?

कानूनी प्रावधानों के अनुसार—

  • 316(5): आपराधिक न्यासभंग (Criminal Breach of Trust) के गंभीर मामलों में आजीवन कारावास या 10 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।
  • 317(4): चोरी की संपत्ति को आदतन खरीदने, रखने या व्यापार करने पर आजीवन कारावास या 10 साल तक की सजा।
  • 317(5): चोरी की संपत्ति को छिपाने या नष्ट करने में मदद करने पर 3 साल तक की जेल या जुर्माना।
  • 61: आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) के तहत दो या अधिक लोगों द्वारा मिलकर अपराध करने पर सजा का प्रावधान।
  • 3(5): समान उद्देश्य से समूह में अपराध करने पर सभी की संयुक्त जिम्मेदारी तय की जा सकती है।

VHP की प्रतिक्रिया और मांगें

इस मामले पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कड़ा रुख अपनाया है। अयोध्या में संगठन की बड़ी बैठक भी हुई, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।

VHP ने इस मामले में चार प्रमुख मांगें रखी हैं—

  1. दोषियों के खिलाफ तुरंत और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
  2. मंदिर से जुड़े सभी मामलों की तेज और पारदर्शी जांच हो।
  3. चढ़ावा चोरी से जुड़े मामलों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो।
  4. दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

VHP का कहना है कि इस तरह के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए और जांच को जल्द से जल्द निष्कर्ष तक पहुंचाया जाना चाहिए।

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