Knews Desk- Ola, Uber और Rapido जैसी बाइक टैक्सी सेवाएं देने वाली कंपनियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। महाराष्ट्र सरकार ने इन कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए Google और Apple को नोटिस भेजकर इन ऐप्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने की मांग की है। सरकार का आरोप है कि ये कंपनियां बिना आवश्यक अनुमति और नियमों का पालन किए बाइक टैक्सी सेवाएं चला रही हैं।
महाराष्ट्र साइबर विभाग की ओर से की गई कार्रवाई
यह कार्रवाई महाराष्ट्र साइबर विभाग की ओर से की गई है। 15 मई को एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस कार्यालय से जारी नोटिस में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 79(3)(b) का हवाला दिया गया है। यह कदम महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा 12 मई को साइबर विभाग को लिखे गए पत्र के बाद उठाया गया, जिसमें अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।
सरकार का कहना है कि ये कंपनियां बिना वैध लाइसेंस, सरकारी मंजूरी और मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का पालन किए यात्रियों को परिवहन सेवाएं दे रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, सबसे बड़ी चिंता यात्रियों की सुरक्षा को लेकर है, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए गए हैं। सरकार का आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म्स का ड्राइवर वेरिफिकेशन सिस्टम, इंश्योरेंस प्रक्रिया और इमरजेंसी रिस्पॉन्स मैकेनिज्म पर्याप्त मजबूत नहीं है।
आखिर क्या है वजह ?
हाल ही में एक बाइक टैक्सी दुर्घटना में महिला यात्री की मौत के बाद इस मुद्दे ने और गंभीर रूप ले लिया। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है और सरकार ने इसे नियमों की अनदेखी का गंभीर उदाहरण बताया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यात्रियों की सुरक्षा को बड़ा खतरा हो सकता है।
महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह बाइक टैक्सी सेवाओं के पूरी तरह खिलाफ नहीं है, लेकिन नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक के अनुसार, राज्य की इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति के तहत केवल इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी सेवाओं को मंजूरी दी गई है। इसके बावजूद कंपनियां पेट्रोल से चलने वाली बाइक का इस्तेमाल कर रही हैं, जो नियमों का उल्लंघन है।
सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
सरकार ने कंपनियों को जरूरी दस्तावेज और कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए एक महीने का समय दिया था, लेकिन अब तक किसी कंपनी ने आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं किए हैं। इसी वजह से सरकार ने अब सख्त रुख अपनाया है। मंत्री ने Rapido पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कंपनी अपने ड्राइवरों को यह आश्वासन दे रही है कि यदि आरटीओ जांच के दौरान उन पर 200 से 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है, तो कंपनी वह रकम वापस कर देगी। सरकार का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था नियमों के उल्लंघन को बढ़ावा देती है।
हालांकि फिलहाल यह कार्रवाई केवल बाइक टैक्सी सेवाओं तक सीमित है। इन कंपनियों की कार टैक्सी, ऑटो सेवा और फूड डिलीवरी जैसी अन्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। महाराष्ट्र सरकार के इस कदम से देशभर में बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।