वायनाड में फिर लैंडस्लाइड का कहर! सुरंग निर्माण की मिट्टी धंसने से हादसा, एक मजदूर की मौत, 7 लोग लापता; CM ने ठेकेदारों को ठहराया जिम्मेदार

केरल के वायनाड जिले में टनल परियोजना स्थल पर मिट्टी का बड़ा ढेर ढहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल और सात लापता हैं. मुख्यमंत्री ने हादसे के लिए ठेकेदारों द्वारा पहले दिए गए निर्देशों का पालन न करने को जिम्मेदार बताया. घटना के बाद राहत-बचाव अभियान जारी है और IMD ने इलाके में रेड अलर्ट जारी किया है.

Knews Desk- केरल के वायनाड जिले में मंगलवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां लैंडस्लाइड की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद से 7 अन्य लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। यह घटना कल्लाडी इलाके में मीनाक्षी ब्रिज के पास हुई, जहां कोझिकोड और वायनाड को जोड़ने वाली सुरंग सड़क परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा था।

खुदाई से निकली मिट्टी बनी हादसे की वजह
जानकारी के मुताबिक, निर्माण स्थल पर सुरंग की खुदाई के दौरान निकाली गई भारी मात्रा में मिट्टी को एक जगह जमा किया गया था। लगातार बारिश के कारण मिट्टी का यह बड़ा ढेर अचानक खिसक गया और देखते ही देखते पूरा इलाका मलबे में बदल गया। मिट्टी के तेज बहाव से कई पेड़ उखड़ गए और निर्माण स्थल पर लगाए गए लोहे के ढांचे व सुरक्षा बैरिकेड भी बह गए।

मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम, बचाव अभियान जारी
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि लापता लोगों की तलाश जारी है। खराब मौसम और बारिश के चलते बचाव कर्मियों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

ठेकेदारों पर मुख्यमंत्री ने लगाए लापरवाही के आरोप
मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने हादसे के लिए निर्माण कार्य में हुई लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग (PWD) और जिला प्रशासन की ओर से ठेकेदारों को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि निर्माण स्थल पर जमा मिट्टी और मलबे को हटाया जाए, लेकिन ठेकेदारों ने इन आदेशों का पालन नहीं किया।

समय पर मलबा हटाया जाता तो टल सकता था हादसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना मौसम संबंधी चेतावनी की कमी की वजह से नहीं हुई, बल्कि निर्माण स्थल पर जमा मिट्टी को समय पर नहीं हटाने के कारण हालात बिगड़े। उन्होंने बताया कि हादसे से पहले इलाके में भारी बारिश हुई थी, जिससे मिट्टी कमजोर होकर खिसक गई।

बारिश बनी बचाव कार्य में बड़ी चुनौती
फिलहाल इलाके में बारिश की तीव्रता पहले से कम हुई है, लेकिन गीली मिट्टी और खराब मौसम अब भी राहत एवं बचाव अभियान में बाधा बन रहे हैं। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लगातार मौके पर तैनात हैं और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।

सुरक्षित स्थानों पर भेजे जा रहे लोग

पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपदा राहत दल मौके पर तैनात हैं. जरूरत पड़ने पर रक्षा बलों की टीम भी भेजी जाएगी. इस बीच, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने वायनाड और आसपास के जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है. रेड अलर्ट का मतलब है कि 24 घंटे में 204 मिमी से अधिक बारिश होने की संभावना है. प्रशासन ने आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू कर दिया है.

हादसे का भयानक वीडियो

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