तेलंगाना सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने की प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। अब स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को ड्राइविंग टेस्ट से पहले यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा से जुड़े करीब तीन घंटे के वीडियो देखना अनिवार्य होगा।
Knews Desk- तेलंगाना में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले लोगों के लिए नियमों में अहम बदलाव किया गया है। राज्य के परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने और ड्राइविंग टेस्ट में होने वाली अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए नई व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को पहले तीन घंटे का वीडियो मॉड्यूल देखना होगा। वीडियो पूरा देखने के बाद ही उसे ड्राइविंग टेस्ट देने की अनुमति मिलेगी।
फिलहाल यह नई व्यवस्था कुकटपल्ली आरटीओ कार्यालय में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू की गई है। विभाग की योजना आने वाले समय में इसे राज्य के दूसरे आरटीओ कार्यालयों में भी लागू करने की है। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से लोगों को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और जिम्मेदारी से वाहन चलाने के प्रति अधिक जागरूक किया जा सकेगा।
बिचौलियों और टेस्ट में गड़बड़ी पर लगेगी रोक
परिवहन विभाग के मुताबिक, वीडियो दिखाने का एक उद्देश्य ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका को कम करना भी है। साथ ही ड्राइविंग टेस्ट के दौरान होने वाली अनियमितताओं पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है। आवेदकों को यातायात नियमों की जानकारी देने के बाद ही उन्हें वाहन चलाने की परीक्षा में शामिल होने दिया जाएगा।
विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि आवेदक ने वास्तव में निर्धारित वीडियो मॉड्यूल देखा है या नहीं। इसके लिए संबंधित मॉड्यूल ऑनलाइन भी उपलब्ध कराए गए हैं।
पहले लर्निंग लाइसेंस, फिर स्थायी लाइसेंस
मौजूदा प्रक्रिया के तहत पहले आवेदक को लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करना होता है। इसके लिए एक टेस्ट लिया जाता है। परीक्षा पास करने के बाद लर्निंग लाइसेंस जारी किया जाता है। इसके बाद आवेदक को छह महीने के भीतर स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करना होता है।
नई व्यवस्था में स्थायी लाइसेंस के लिए ड्राइविंग टेस्ट से पहले तीन घंटे के वीडियो देखना जरूरी होगा। इसके बाद ही आवेदक को ड्राइविंग ट्रैक टेस्ट में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।
टेस्ट के बाद मिलेगी पास या फेल की जानकारी
ड्राइविंग टेस्ट पूरा होने के बाद आवेदक को एक पर्ची दी जाएगी, जिसमें उसके परिणाम की जानकारी होगी। अगर आवेदक टेस्ट में सफल रहता है तो उसे योग्य घोषित कर दिया जाएगा। इसके बाद कुछ दिनों में ड्राइविंग लाइसेंस डाक के जरिए उसके पते पर भेजा जाएगा।
वहीं, टेस्ट में असफल होने वाले आवेदकों को इसकी जानकारी दी जाएगी और उन्हें दोबारा प्रक्रिया पूरी करके टेस्ट देना होगा। फिलहाल तेलंगाना में कोंडापुर, उप्पल, मेडचल, नागोल और इब्राहिमपटनम में ड्राइविंग टेस्ट आयोजित किए जा रहे हैं।