सेमीकंडक्टर से यूसीसी तक… भूपेंद्र पटेल सरकार ने गुजरात को कैसे बदला?

KNEWS DESK– मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात ने पिछले पांच वर्षों में विकास के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कदम बढ़ाए हैं। राज्य का बजट बढ़कर 4.08 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा है। सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्पेसटेक और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों के लिए 19 नीतियां लागू की गई हैं।

इन नीतियों के जरिए गुजरात में निवेश, रोजगार और आधुनिक औद्योगिक ढांचे को बढ़ावा देने की कोशिश की गई है। राज्य ने भविष्य की तकनीक और रणनीतिक क्षेत्रों के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने पर जोर दिया है।

वाइब्रेंट गुजरात में 17.4 लाख करोड़ के एमओयू

वैश्विक निवेश को बढ़ावा देने के लिए गुजरात में चार वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों में कुल 17.4 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए। सरकार का दावा है कि इससे राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिली है।

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में छह प्लांट स्वीकृत

गुजरात को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल किया जा रहा है। राज्य में छह सेमीकंडक्टर प्लांट को मंजूरी मिली है, जबकि तीन प्लांट में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है। इसके साथ ही एआई और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी गुजरात अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

यूसीसी और प्रशासनिक सुधार

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के कार्यकाल में गुजरात में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी विधेयक पारित किया गया। इसके अलावा सरकारी सेवाओं को आसान, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल सुधार लागू किए गए हैं। ‘सुगम डिजिटल गुजरात’ के जरिए सरकारी सेवाओं को पेपरलेस, कैशलेस और फेसलेस बनाने पर जोर दिया गया है। नीति निर्माण और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए गुजरात राज्य इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन यानी GRIT और गुजरात प्रशासनिक सुधार आयोग यानी GARC का गठन भी किया गया।

विकसित गुजरात @2047 का रोडमैप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 विजन के अनुरूप गुजरात ने विकसित गुजरात @2047 का रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत, तकनीकी रूप से सक्षम और सर्वसमावेशी विकास वाला राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और युवाओं के विकास के लिए नमो लक्ष्मी, नमो सरस्वती, मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार और नमो श्री जैसी योजनाएं भी लागू की हैं।

अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से बढ़ी पहचान

गुजरात ने G20 बैठकों, वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट और RE-Invest 2024 जैसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों की मेजबानी की। इन आयोजनों से वैश्विक निवेश और व्यापार के क्षेत्र में राज्य की भूमिका मजबूत हुई है। अब गुजरात वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी की तैयारी भी कर रहा है।

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