KNEWS DESK- मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। शुक्रवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए। CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने ऐलान किया कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो 10 अक्टूबर को देशभर से लोग दिल्ली कूच करेंगे और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे।
दिपके ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकती है तो जहां उन्हें रोका जाएगा, वहीं जंतर-मंतर बनाया जाएगा। उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी महात्मा गांधी के दिखाए रास्ते पर चलेंगे। उन्होंने 20 जुलाई को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई का भी जिक्र किया।
शिवाजी पार्क में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दिपके ने बीजेपी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा। CJP नेता अजिंक्य शिंदे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की। संगठन ने 2025 की मतदाता सूचियों पर रोक लगाने और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को रद्द करने की भी मांग की।
दिपके ने मतदाता सूचियों से नाम हटाने और 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि दो साल में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए।
प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लिखे पोस्टर लेकर बड़ी संख्या में युवा और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता पहुंचे। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, गायक विशाल ददलानी और तुषार गांधी भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहे। शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने भी आंदोलन का समर्थन किया है।
CJP मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठा रही है। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि तीन सदस्यीय आयोग ने SIR समेत सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए हैं।