दिल्ली में बिजली महंगी होने की तैयारी, 1% से 3.3% तक बढ़ सकते हैं बिल

KNEWS DESK- दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही बढ़े हुए बिल का झटका लग सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी में बिजली दरों में 1 प्रतिशत से लेकर 3.30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। हालांकि यह बढ़ोतरी सभी उपभोक्ताओं पर समान रूप से लागू नहीं होगी।

जानकारी के अनुसार, 0 से 200 यूनिट और 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिलने की संभावना है। इन श्रेणियों के उपभोक्ताओं के बिल पर इस बढ़ोतरी का कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। लेकिन 500 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को इसका सीधा असर झेलना पड़ सकता है और उनके मासिक बिल में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

बिजली कंपनियों की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, वेस्ट, सेंट्रल और साउथ दिल्ली में सप्लाई करने वाली BRPL पर PPAC चार्ज में 17.94 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। वहीं ट्रांस यमुना क्षेत्र में बिजली आपूर्ति करने वाली BYPL पर 17.43 प्रतिशत और उत्तरी व बाहरी दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली TPDDL पर करीब 16 प्रतिशत तक PPAC चार्ज बढ़ाने का आदेश दिया गया है।

यह नई दरें 10 जून से लागू हो चुकी हैं और इसका असर जुलाई में आने वाले बिजली बिलों में दिखाई देगा। यानी आने वाले बिल उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में ज्यादा भारी लग सकते हैं।

इस बीच व्यापारिक संगठनों ने इस फैसले पर चिंता जताई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कहा है कि बिजली दरों में बढ़ोतरी से दिल्ली के दुकानदारों और उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। संगठन का मानना है कि दिल्ली में कमर्शियल बिजली दरें पहले से ही पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत तक अधिक हैं।

CTI ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो कई छोटे और मझोले उद्योग दिल्ली से बाहर हरियाणा और उत्तर प्रदेश की ओर स्थानांतरित हो सकते हैं, जिससे राजधानी की औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

फिलहाल बिजली दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर उपभोक्ताओं में चिंता का माहौल है और सभी की नजरें आने वाले बिलिंग साइकल पर टिकी हुई हैं।

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