शिव शंकर सविता- उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने घरेलू उपभोक्ताओं, खासकर कम लोड वाले कनेक्शन धारकों को राहत देने के लिए अहम फैसले किए हैं। इन फैसलों के तहत अब 1 किलोवाट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस होने पर भी तुरंत नहीं काटा जाएगा।ऊर्जा मंत्री के निर्देश के अनुसार, यदि 1KW तक के उपभोक्ताओं का बैलेंस माइनस में चला जाता है, तब भी उन्हें 30 दिनों तक बिजली सेवा जारी रहेगी। इस दौरान किसी भी परिस्थिति में कनेक्शन विच्छेद नहीं किया जाएगा। यह व्यवस्था खासतौर पर उन उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आई है, जो समय पर बिल जमा नहीं कर पाते या आर्थिक कारणों से भुगतान में देरी हो जाती है। मंत्री ए.के. शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि एक माह का पूरा बिलिंग चक्र पूरा होने से पहले किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, भले ही उसका बैलेंस माइनस में क्यों न हो।

बिजली काटने से पहले उपभोक्ताओं को भेजने होंगे 5 अनिवार्य मैसेज
इसके साथ ही पारदर्शिता और सुविधा को बढ़ाने के लिए एक नई SMS अलर्ट प्रणाली भी लागू की गई है। अब उपभोक्ताओं को कनेक्शन काटने से पहले 5 अनिवार्य संदेश भेजे जाएंगे। इन संदेशों के जरिए उन्हें समय रहते अपने बकाया बिल की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे भुगतान कर सकें और कनेक्शन कटने की स्थिति से बच सकें।सिर्फ 1 किलोवाट ही नहीं, बल्कि 2 किलोवाट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को भी इस फैसले का लाभ मिलेगा। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए यह तय किया गया है कि यदि उनका बैलेंस ₹200 तक माइनस में चला जाता है, तो भी उनका कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इनके लिए भी वही 5-स्टेप SMS अलर्ट सिस्टम लागू रहेगा, जिससे उन्हें लगातार सूचित किया जाता रहेगा।ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यह कदम उपभोक्ताओं और विभाग के बीच भरोसा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न सिर्फ उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि बिल भुगतान की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी।

सभी जिलों में आपूर्ति सुचारू रखने के दिए निर्देश
बढ़ती गर्मी को देखते हुए मंत्री ने सभी जिलों के अधिकारियों को बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय पर अनुरक्षण कार्य पूरा करें और किसी भी खराबी को तुरंत दुरुस्त करें। मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम किया गया है। अब तक करीब 30 लाख नए बिजली खंभे लगाए जा चुके हैं और ट्रांसफार्मरों की क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। इन प्रयासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश के हर कोने तक निर्बाध बिजली आपूर्ति पहुंच सके। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब देश में सबसे अधिक बिजली आपूर्ति करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। सरकार का लक्ष्य है कि भीषण गर्मी के इस दौर में भी आम जनता को बिजली की कोई कमी महसूस न हो।