KNEWS DESK- राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की संसदीय दल की बैठक ‘मंगल मिलन’ मंगलवार, 4 अगस्त को आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत NDA के कई वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल हुए। बैठक के दौरान केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा को लेकर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। इसमें उन्होंने पिछले एक दशक में केंद्र सरकार की उपलब्धियों और विभिन्न योजनाओं से जुड़े आंकड़े साझा किए।
संसद पुस्तकालय भवन स्थित जीएमसी बालायोगी सभागार में आयोजित बैठक में रोजगार के साथ खेल और कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। मांडविया ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए हैं।
10 साल में 17.1 करोड़ से ज्यादा नए रोजगार का दावा
मनसुख मांडविया ने अपने प्रेजेंटेशन में दावा किया कि NDA सरकार के 2014 से 2024 के कार्यकाल के दौरान देश में 17.1 करोड़ से ज्यादा नए रोजगार सृजित हुए हैं। उन्होंने इसकी तुलना पूर्ववर्ती UPA सरकार के कार्यकाल से भी की। मांडविया के मुताबिक, UPA शासनकाल में करीब 2.9 करोड़ रोजगार सृजित हुए थे। उन्होंने दावा किया कि NDA सरकार के दौरान रोजगार सृजन में हुई वृद्धि UPA के मुकाबले लगभग छह गुना अधिक है। केंद्रीय मंत्री ने इन आंकड़ों को सरकार की रोजगार और आर्थिक नीतियों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों ने रोजगार के नए अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बेरोजगारी दर 3.1 प्रतिशत होने का दावा
NDA की बैठक में बेरोजगारी दर को लेकर भी आंकड़े पेश किए गए। मनसुख मांडविया ने दावा किया कि 2025 में भारत की बेरोजगारी दर घटकर 3.1 प्रतिशत पर पहुंच गई।
उन्होंने इसकी तुलना वैश्विक औसत से करते हुए कहा कि यह आंकड़ा कई विकसित देशों के साथ 4.8 प्रतिशत के वैश्विक औसत से भी बेहतर है।
मांडविया ने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ सरकार ने युवाओं को नौकरी और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए कौशल विकास पर भी जोर दिया है।
युवाओं की Employability में बढ़ोतरी
प्रेजेंटेशन में युवाओं की रोजगार योग्यता यानी Employability से जुड़े आंकड़े भी साझा किए गए। मांडविया ने दावा किया कि 2013 में देश के युवाओं की Employability करीब 34 प्रतिशत थी, जो 2025 में बढ़कर 56 प्रतिशत हो गई। उन्होंने इस बढ़ोतरी के पीछे ‘मेक इन इंडिया’, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI योजना और रोजगार से जुड़ी विभिन्न सरकारी पहलों की भूमिका बताई। केंद्रीय मंत्री ने ₹2 लाख करोड़ के ‘PM पैकेज’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रोजगार और कौशल से जुड़ी योजनाओं के जरिए युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने और उन्हें उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने का प्रयास किया गया है।
सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ने का दावा
मनसुख मांडविया ने सामाजिक सुरक्षा से जुड़े आंकड़ों को भी अपने प्रेजेंटेशन का हिस्सा बनाया। उन्होंने दावा किया कि 2026 तक देश में करीब 101 करोड़ नागरिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं। सरकार की ओर से विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों, असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों और अन्य वर्गों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया गया।
मांडविया ने रोजगार सृजन, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा को एक-दूसरे से जुड़ा बताते हुए कहा कि पिछले वर्षों में इन तीनों क्षेत्रों में सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
PM मोदी समेत NDA के दिग्गज रहे मौजूद
‘मंगल मिलन’ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी समेत NDA के कई वरिष्ठ नेता और सांसद मौजूद रहे। बैठक के दौरान रोजगार और कौशल के अलावा खेल तथा कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़े विषयों पर भी प्रेजेंटेशन दिया गया।
मनसुख मांडविया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि 2014 से देश में रोजगार, कौशल और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं।
क्यों हो रही ‘मंगल मिलन’ बैठक?
संसद के प्रत्येक सत्र के दौरान NDA संसदीय दल की बैठक आमतौर पर मंगलवार को आयोजित की जाती है। इस बार इन बैठकों को ‘मंगल मिलन’ नाम दिया गया है। इस श्रृंखला की पहली बैठक 21 जुलाई को आयोजित हुई थी। मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को हुई यह तीसरी ‘मंगल मिलन’ बैठक रही। बैठक के जरिए NDA सांसदों को सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और प्रमुख मुद्दों से संबंधित जानकारी दी जा रही है। इस बार रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े आंकड़े प्रमुखता से सामने रखे गए।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया की ओर से पेश आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों में 17 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं, जबकि युवाओं की रोजगार योग्यता में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। वहीं बेरोजगारी दर को लेकर सरकार ने 2025 में इसके 3.1 प्रतिशत तक आने का दावा किया है।