KNEWS DESK – Gujarat के नगर निगम चुनावों में Bharatiya Janata Party ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी 15 नगर निगमों में जीत दर्ज कर क्लीन स्वीप कर लिया है। इस नतीजे ने साफ कर दिया है कि राज्य की शहरी राजनीति में भाजपा की पकड़ अब भी बेहद मजबूत बनी हुई है। सबसे खास चर्चा Ravindra Jadeja की बहन Nayanaba Jadeja की हार को लेकर रही, जिन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था।
अहमदाबाद में भाजपा का दबदबा
Ahmedabad नगर निगम की 192 सीटों में से भाजपा ने 158 सीटों पर जीत हासिल कर एक बार फिर अपना वर्चस्व साबित किया। वहीं कांग्रेस को केवल 9 सीटों से संतोष करना पड़ा। आम आदमी पार्टी और AIMIM यहां अपना खाता भी नहीं खोल सके।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह परिणाम शहरी मतदाताओं के भाजपा के पक्ष में मजबूत झुकाव को दिखाता है और इसे राज्य की राजनीति में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
राजकोट में नयनाबा जडेजा की हार
Rajkot नगर निगम में भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 72 में से 65 सीटें जीत लीं। कांग्रेस को केवल 7 सीटें मिलीं, जबकि आम आदमी पार्टी यहां भी खाता नहीं खोल सकी।
सबसे ज्यादा सुर्खियां वार्ड नंबर 2 से कांग्रेस उम्मीदवार नयनाबा जडेजा की हार ने बटोरीं। वह भारतीय क्रिकेटर Ravindra Jadeja की बहन हैं और कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरी थीं। भाजपा ने इस वार्ड में जीत हासिल की।
इस चुनाव में पारिवारिक रिश्तों के साथ-साथ राजनीतिक मुकाबला भी चर्चा में रहा, क्योंकि Rivaba Jadeja पहले से भाजपा से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में ननद-भाभी के बीच राजनीतिक मुकाबले को लेकर भी काफी चर्चा रही।
सूरत में भाजपा की एकतरफा जीत
Surat नगर निगम चुनाव में भाजपा ने लगभग एकतरफा जीत दर्ज की। 120 सीटों में से भाजपा ने 115 सीटों पर कब्जा जमाया। आम आदमी पार्टी को सिर्फ 4 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस के खाते में केवल 1 सीट आई।
इस नतीजे के बाद गुजरात की शिक्षा मंत्री रिवाबा जडेजा ने कहा कि यह जीत भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के भरोसे का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जनता समझ चुकी है कि विकास के लिए भाजपा ही सबसे मजबूत विकल्प है और इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व को जाता है।
भाजपा की संगठनात्मक ताकत फिर साबित
इन चुनाव परिणामों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि गुजरात के स्थानीय निकायों में भाजपा की जड़ें बेहद मजबूत हैं। सभी 15 नगर निगमों में जीत दर्ज कर पार्टी ने न केवल शहरी राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत की है, बल्कि आगामी चुनावों के लिए भी बड़ा संदेश दे दिया है।