Knews Desk– बिहार की राजधानी पटना में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। सरकार और छात्र संगठनों के बीच हुई बैठक में कई मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत हुई और सरकार की ओर से छात्रों की कुछ मांगों पर आश्वासन भी दिया गया। इसके बावजूद आंदोलनकारी छात्रों ने साफ कर दिया है कि वे अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। छात्रों का कहना है कि बातचीत से सरकार और छात्र संगठनों के बीच बनी दूरी जरूर कम हुई है, लेकिन जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
छात्र पिछले कई दिनों से पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांग 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने की है। इसके अलावा छात्र शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 के पैटर्न में बदलाव, सरकारी परीक्षाओं में पारदर्शिता, डोमिसाइल नीति और उम्र सीमा में छूट समेत कई मांगें उठा रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से अभ्यर्थियों के बीच असंतोष है और सरकार को उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।सरकार और छात्र संगठनों के बीच हुई बैठक को आंदोलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक के बाद छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत सकारात्मक रही। उन्होंने सरकार और अधिकारियों का बातचीत के लिए धन्यवाद भी किया। छात्र नेताओं के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच जो कड़वाहट और दूरी थी, वह काफी हद तक कम हुई है। हालांकि, छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम पहले से तय है और इसे वापस नहीं लिया गया है।
छात्रों की मांग है कि 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द किया जाए। इसके साथ ही वे डोमिसाइल नीति लागू करने और प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर भी छात्रों का विरोध है। वे चाहते हैं कि TRE-4 में पीटी और मेंस की व्यवस्था खत्म कर एक ही परीक्षा आयोजित की जाए। हालांकि, आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि TRE-4 में पीटी और मेंस की व्यवस्था में बदलाव नहीं किया जाएगा और नेगेटिव मार्किंग भी जारी रहेगी।छात्र BPSC, दारोगा समेत सभी सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे अभ्यर्थियों का आयोग और भर्ती व्यवस्था पर भरोसा कायम रहे। इसके अलावा सरकारी नौकरियों में उम्र सीमा में छूट देने की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है।
इसी बीच BPSC के एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार को सरकार ने निलंबित कर दिया है। छात्रों के प्रदर्शन पर सवाल पूछे जाने के दौरान राजेश कुमार ने ‘हाथी चले बाजार तो कुत्ते भौंके हजार’ वाली कहावत का इस्तेमाल किया था। उनका यह बयान सामने आने के बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ गई। बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद और तेज हो गया। हालांकि, राजेश कुमार ने बाद में वीडियो जारी कर अपने बयान के लिए माफी मांगी, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया।अब सभी की नजर आज होने वाले मुख्यमंत्री आवास घेराव पर है। बातचीत में सकारात्मक संकेत मिलने के बावजूद छात्र अपनी मांगों पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में पटना में आज का प्रदर्शन सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच आगे की बातचीत की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकता है।