विधानसभा चुनाव परिणाम 2026: बंगाल में खिलता दिख रहा कमल, तमिलनाडु में विजय का थलापति अवतार, जानें 5 राज्यों के रुझान….

डिजिटल डेस्क- देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के लिए आज मतगणना जारी है। सुबह 10 बजे तक के रुझानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। कहीं सत्ता विरोधी लहर साफ दिख रही है, तो कहीं नए चेहरों ने स्थापित दिग्गजों की नींद उड़ा दी है। पश्चिम बंगाल से लेकर तमिलनाडु तक, चुनावी बिसात पर समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। बंगाल में इस बार का मुकाबला बेहद कड़ा और दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। शुरुआती दो घंटों की गिनती के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ममता बनर्जी के किले में बड़ी सेंध लगाई है। भाजपा फिलहाल 150 सीटों पर बढ़त बनाकर बहुमत के जादूई आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गई है। वहीं, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) केवल 92 सीटों पर आगे चल रही है। अगर ये रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक परिवर्तन होगा।

तमिलनाडु: विजय की ‘TVK’ का धमाका

दक्षिण भारत के राजनीतिक परिदृश्य से सबसे चौंकाने वाली खबर तमिलनाडु से निकलकर सामने आ रही है, जहाँ अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय की पार्टी ‘तमिलनाडु वेत्री कझगम’ (TVK) ने अपने पहले ही बड़े चुनावी समर में शुरुआती रुझानों में सबको पीछे छोड़ दिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, TVK फिलहाल 103 सीटों पर बढ़त बनाकर राज्य में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती दिख रही है, जो राज्य की राजनीति में एक नए युग की आहट है। दूसरी ओर, सत्ताधारी द्रमुक (DMK) महज 51 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है, जबकि मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक (AIADMK) ने 72 सीटों पर बढ़त बनाकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश की है। विजय के इस अप्रत्याशित और शानदार प्रदर्शन ने दशकों से चली आ रही द्रविड़ राजनीति के पारंपरिक द्विध्रुवीय ढांचे (DMK बनाम AIADMK) को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है, जिससे यह स्पष्ट है कि तमिलनाडु की जनता अब तीसरे विकल्प को गंभीरता से स्वीकार कर रही है।

केरल: यूडीएफ की मजबूत वापसी

केरल की चुनावी राजनीति में इस बार ‘हर पांच साल में सरकार बदलने’ की पुरानी परंपरा फिर से लौटती हुई दिखाई दे रही है। मतगणना के शुरुआती घंटों में मिली कड़ी टक्कर के बाद अब कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने अपनी स्थिति को बेहद मजबूत कर लिया है और वह 89 सीटों पर बढ़त के साथ सत्ता की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है। इसके उलट, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला सत्ताधारी एलडीएफ (LDF) पिछड़ता हुआ नजर आ रहा है और फिलहाल 47 सीटों पर ही सिमट गया है। वहीं, केरल के राजनीतिक समीकरणों में एक दिलचस्प बदलाव यह भी देखने को मिल रहा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए 3 सीटों पर बढ़त बना ली है। इन रुझानों ने साफ कर दिया है कि केरल की जनता ने एक बार फिर बारी-बारी से सत्ता परिवर्तन के अपने पारंपरिक रिवाज पर भरोसा जताया है।

असम: भाजपा की हैट्रिक की तैयारी

पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार असम में ‘प्रो-इन्कंबेंसी’ (सत्ता के पक्ष में लहर) साफ दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा जीत की हैट्रिक लगाने की ओर मजबूती से बढ़ रही है। भाजपा 95 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि विपक्षी कांग्रेस महज 28 सीटों पर सिमटती दिख रही है। विकास और सुरक्षा के मुद्दे असम में भाजपा के लिए काम करते नजर आ रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *