डिजिटल डेस्क- होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान के तटीय इलाके में युद्ध के बादल गहरे होते जा रहे हैं। ओमान के तट के पास भारतीय नाविकों से भरे एक और कमर्शियल कार्गो जहाज ‘MT जलवीर’ पर अज्ञात हमलावरों द्वारा हमला किए जाने की सनसनीखेज खबर सामने आई है। इस क्षेत्र में बीते तीन दिनों के भीतर किसी अंतरराष्ट्रीय जहाज पर होने वाला यह तीसरा बड़ा और लगातार हमला है, जिससे समुद्री व्यापारिक मार्गों पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
शिनास बंदरगाह के पास हुआ हमला, भारतीय दूतावास अलर्ट पर
ओमान में स्थित भारतीय दूतावास ने इस आपातकालीन घटना की आधिकारिक पुष्टि की है। दूतावास के मुताबिक, यह हमला ओमान के प्रमुख ‘शिनास बंदरगाह’ के नजदीक समुद्री क्षेत्र में हुआ है। शुरुआती तौर पर मिली जानकारी के अनुसार, जहाज पर भारतीय चालक दल (क्रू मेंबर्स) के सदस्य मौजूद हैं। हालांकि, हमला किस हथियार से किया गया, जहाज को कितना भौतिक नुकसान पहुंचा है और क्या कोई भारतीय नाविक घायल हुआ है, इसकी सटीक जानकारी अभी सामने नहीं आ सकी है। ओमान में भारतीय राजनयिक स्थानीय तटीय सुरक्षा बलों और बंदरगाह अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं और स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
पिछले हमले में ३ भारतीय नाविकों की मौत, २१ का हुआ रेस्क्यू
यह ताजा हमला ऐसे समय पर हुआ है जब ठीक एक दिन पहले बुधवार को इसी तटीय क्षेत्र में पलाऊ (Palau) के ध्वज वाले तेल टैंकर ‘MT सेटेबेलो’ पर अमेरिकी नौसेना द्वारा भीषण हमला किया गया था। उस दर्दनाक हमले में जहाज पर सवार तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। सुरक्षा बलों ने तीनों मृत भारतीयों के शव बरामद कर उनकी शिनाख्त कर ली है, जबकि इसी जहाज से 21 अन्य भारतीय नाविकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया था।
भारत सरकार का कड़ा रुख:
केंद्रीय जहाजरानी और बंदरगाह मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ‘MT सेटेबेलो’ पर हुए हमले को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत सरकार पूरी तरह से पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि बचाए गए सभी 21 भारतीय नाविकों को जल्द से जल्द वतन वापस लाया जाए और मृतकों के पार्थिव शरीरों को अंतिम संस्कार के लिए अविलंब भारत भेजने की व्यवस्था की जाए।
ईरानी तेल नाकेबंदी को लेकर अमेरिका का बड़ा एक्शन
दरअसल, ‘MT जलवीर’ पर हुए हमले से महज दो दिन पहले भी अमेरिकी नौसेना ने 24 भारतीय नाविकों को ले जा रहे एक अन्य विशालकाय तेल टैंकर पर सीधी सैन्य कार्रवाई की थी। अमेरिकी सेना ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना रुख साफ किया है। अमेरिका का दावा है कि ये जहाज अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को धता बताकर ईरान से अवैध रूप से कच्चे तेल का परिवहन कर रहे थे और ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी सैन्य नाकेबंदी का सीधा उल्लंघन कर रहे थे, जिसके चलते उन पर आत्मरक्षा और प्रतिबंधों को लागू करने के तहत हमले किए गए।