राम मंदिर पर आप सांसद संजय सिंह का बड़ा आरोप, बोलें- ₹9 करोड़ की जमीन ₹55 करोड़ में खरीदी, सीधे नागपुर पहुंच रहा पैसा

डिजिटल डेस्क- आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अयोध्या राम मंदिर निर्माण को लेकर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। संजय सिंह ने बकायदा दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि मंदिर निर्माण के नाम पर ‘सबसे बड़ी चंदा चोरी’ का खेल चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की यह रकम सीधे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय तक पहुंच रही है और इस पूरे मामले में शीर्ष स्तर के लोग शामिल हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय सिंह ने सीधे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “मेरे हाथ सबसे बड़ी चंदा चोरी के कागजात लगे हैं। चंपत राय ने महज 9 करोड़ रुपये की 117 बिस्वा जमीन को रिकॉर्ड 55 करोड़ रुपये में खरीदा है।” संजय सिंह के मुताबिक, शहनवाजपुर माझा बरहटा की यह जमीन 16 नवंबर 2023 को आलोक बंसल और शिवानी बंसल से खरीदी गई थी।

किसानों के साथ धोखाधड़ी और चंपत राय की ‘दरियादिली’

संजय सिंह ने जमीन अधिग्रहण की दरों में भारी अंतर का मुद्दा उठाते हुए सरकार और ट्रस्ट को घेरा। उन्होंने बताया कि माझा बरहटा में करीब साढ़े तीन हजार बिस्वा जमीन किसानों से अधिग्रहित की गई थी। इस प्रक्रिया में सरकार और मोदी ट्रस्ट द्वारा किसानों को प्रति बिस्वा केवल 4 लाख 40 हजार रुपये का भुगतान किया गया। लेकिन जब इसी तरह की जमीन चंपत राय ने खरीदी, तो उन्होंने ‘दरियादिली’ दिखाते हुए सीधे 47 लाख रुपये प्रति बिस्वा की दर से भुगतान किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यह जमीन 2023 में खरीदी गई और 2024 में अधिग्रहित की गई, तो आखिर इस लूट का माल किसके हिस्से में जा रहा है?

पीएम मोदी और मोहन भागवत की चुप्पी पर उठाए सवाल

सांसद संजय सिंह ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की चुप्पी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे अयोध्या से नागपुर (RSS मुख्यालय) तक का भ्रष्टाचार एक्सप्रेस-वे पूरी तरह से टोल-फ्री हो चुका है, इसीलिए इतने बड़े घोटाले पर न तो प्रधानमंत्री का कोई बयान आया और न ही मोहन भागवत का। सिंह ने कहा, “ऐसा लगता है कि मंदिर का चंदा लूटकर सीधे संघ मुख्यालय पहुंचाने का खेल चल रहा है।”

चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी घेरा

संजय सिंह ने इस कथित चंदा चोरी में वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (जो पूर्व में गृह मंत्रालय में रहते हुए इस ट्रस्ट के सदस्य थे) की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि चंदा चोरी के समय ज्ञानेश कुमार ट्रस्ट के मेंबर थे। उन्होंने तंज कसा, “जो ईवीएम के जरिए वोट चोरी करवा रहा है, वही वहाँ चंदा चोरी करवा रहा था। इस मामले में उनकी क्या भूमिका रही, इसकी भी गहन जांच होनी चाहिए।”

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में SIT जांच की मांग

आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि चूंकि यह ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनाया गया है, इसलिए इस पूरे घोटाले की जांच भी सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के डीजीपी, अयोध्या एसएसपी और अन्य आलाधिकारियों को आधिकारिक मेल भेजकर चंदा चोरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संजय सिंह ने ऐलान किया कि वे इस हजारों करोड़ के भ्रष्टाचार के पुख्ता कागजात सौंपने के लिए खुद एसआईटी (SIT) के अधिकारियों से समय मांगकर मुलाकात करेंगे, ताकि यह साफ हो सके कि एसआईटी वास्तव में ईमानदारी से काम कर रही है या नहीं।

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