KNEWS DESK- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में दो अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट ने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण रेल परियोजना और देश में तीन डेडिकेटेड केमिकल पार्क बनाने की योजना को मंजूरी दी है।
रेल मंत्री ने बताया कि कैबिनेट कमेटी ने बेल्लारी-गुंटकल रेलवे सेक्शन की तीसरी और चौथी लाइन बिछाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस परियोजना की कुल लागत करीब 1,264 करोड़ रुपये होगी। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा और देश में बेहतर रेल कनेक्टिविटी तथा माल ढुलाई क्षमता को मजबूत करेगा। यह रेलवे परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना और लॉजिस्टिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रियों के साथ-साथ उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा।
बेल्लारी-गुंटकल रेल लाइन प्रोजेक्ट कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के तीन जिलों को कवर करेगा। इससे रेलवे नेटवर्क में करीब 46 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी। इस परियोजना के जरिए लगभग 99 गांवों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जहां करीब 7 लाख लोगों की आबादी रहती है। रेल मंत्री ने कहा कि नई रेल लाइन से क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इसमें बेल्लारी किला और श्री कुमार स्वामी मंदिर जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। इसके अलावा, माल परिवहन की क्षमता बढ़ने से उद्योगों को भी फायदा मिलेगा।
देश में बनेंगे तीन केमिकल पार्क
कैबिनेट ने रसायन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन (BHAVYA-रसायन) योजना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत देश में तीन विशेष केमिकल पार्क विकसित किए जाएंगे। इस योजना के लिए कुल 3,030 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस राशि में से 3,000 करोड़ रुपये पार्कों के अंदर कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर और जरूरी सुविधाएं विकसित करने पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 30 करोड़ रुपये प्रशासनिक कार्यों के लिए रखे गए हैं। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल के लिए लागू रहेगी।
योजना के तहत केंद्र सरकार प्रत्येक केमिकल पार्क के लिए अधिकतम 1,000 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता देगी। इसके लिए संबंधित राज्य सरकारों को कम से कम 500 करोड़ रुपये का योगदान करना होगा। सरकार का मानना है कि इन केमिकल पार्कों के निर्माण से रसायन उद्योग को नई गति मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक-एक केमिकल पार्क में 15 हजार करोड़ से 20 हजार करोड़ रुपये तक का निवेश आकर्षित होने की संभावना है।
कैबिनेट के इन फैसलों को बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य बेहतर कनेक्टिविटी, रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा देकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।