Knews Desk-1 मई 2026 से भारत में LPG (एलपीजी) सिलेंडर बुकिंग से जुड़े नियमों में कुछ अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य गैस सप्लाई सिस्टम को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और डिजिटल बनाना है, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिल सके और फर्जी बुकिंग या गलत डिलीवरी जैसी समस्याओं पर रोक लगाई जा सके। पहले शहरों में उपभोक्ता 21 दिन के बाद नया सिलेंडर बुक कर सकते थे, लेकिन अब इस अवधि को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह इंतजार और भी ज्यादा हो सकता है, जहां अब नया सिलेंडर बुक करने के लिए 45 दिन तक का समय तय किया गया है।
OTP (वन टाइम पासवर्ड) आधारित वेरिफिकेशन अनिवार्य
नए नियमों के तहत अब एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अधिकतर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिए ही की जाएगी। इसका मतलब है कि जो मोबाइल नंबर गैस कनेक्शन से जुड़ा हुआ है, उसी से बुकिंग की जा सकेगी। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपना मोबाइल नंबर अपडेट नहीं कराया है, उन्हें जल्द से जल्द अपने गैस एजेंसी से संपर्क करके अपडेट करना होगा, वरना उन्हें दिक्कत हो सकती है। बुकिंग प्रक्रिया पहले की तरह ही कई माध्यमों से की जा सकेगी, लेकिन अब उसे और सुरक्षित बनाया गया है। उपभोक्ता मोबाइल ऐप, वेबसाइट, व्हाट्सएप, IVRS कॉल और SMS के जरिए सिलेंडर बुक कर सकेंगे। लेकिन अब हर बुकिंग के लिए OTP (वन टाइम पासवर्ड) आधारित वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जा रहा है, जिससे फर्जी बुकिंग पर रोक लगेगी।

जब गैस सिलेंडर डिलीवर किया जाएगा, तो उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा। यह OTP डिलीवरी बॉय को बताना जरूरी होगा, तभी सिलेंडर की डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सिलेंडर सही व्यक्ति को ही मिले। सरकार का उद्देश्य डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) सिस्टम को और मजबूत करना भी है। जिन उपभोक्ताओं को सब्सिडी मिलती है, उनके लिए यह व्यवस्था और पारदर्शी बनाई जा रही है ताकि सब्सिडी सीधे सही खाते में पहुंचे और किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो।
एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए उपभोक्ता इन तरीकों का उपयोग कर सकते हैं:
- मोबाइल ऐप के जरिए: इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस की आधिकारिक ऐप से बुकिंग
- व्हाट्सएप के जरिए: कंपनी के आधिकारिक नंबर पर मैसेज भेजकर
- IVRS कॉल सिस्टम: दिए गए नंबर पर कॉल करके
- SMS सेवा: निर्धारित कोड भेजकर
- वेबसाइट के जरिए: गैस कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करके
इन नए नियमों से सिस्टम को ज्यादा डिजिटल और सुरक्षित बनाने की कोशिश की जा रही है। इससे न केवल उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी बल्कि गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर हमेशा सक्रिय रखें और किसी भी स्थिति में OTP किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें। अगर जानकारी अपडेट नहीं होगी तो बुकिंग में समस्या आ सकती है। 1 मई 2026 से लागू होने वाले ये बदलाव एलपीजी सिस्टम को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं, जिससे देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा।