भारतीय नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त अभियान चलाकर ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अज़िनी’ को समुद्री लुटेरों के कब्जे से मुक्त कराया। करीब 48 घंटे चले इस ऑपरेशन में INS कोलकाता और MARCOS कमांडो ने अहम भूमिका निभाई। ईरान के दूतावास ने भारत की कार्रवाई की सराहना की, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुरक्षाबलों को बधाई दी।
Knews Desk – अरब सागर में भारतीय सुरक्षाबलों ने समुद्री लुटेरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ईरान के मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अज़िनी’ और उसके चालक दल के सभी 20 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, सोमाली समुद्री लुटेरों ने 29 अक्टूबर को जहाज का अपहरण कर लिया था। इसके बाद भारतीय नौसेना ने करीब 48 घंटे तक अभियान चलाया। इस ऑपरेशन की कमान INS कोलकाता ने संभाली, जबकि भारतीय वायुसेना ने भी अभियान में सहयोग दिया।
नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने भारत सरकार, भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना का आभार जताया। दूतावास ने अभियान के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों के पेशेवर रवैये, साहस और आपसी तालमेल की प्रशंसा की। इस कार्रवाई को भारत और ईरान के बीच सहयोग तथा मानवीय सहायता की भावना का उदाहरण बताया गया।
INS कोलकाता ने संभाली ऑपरेशन की कमान
जानकारी के अनुसार, समुद्री लुटेरों के कब्जे में गए जहाज को छुड़ाने के लिए भारतीय नौसेना ने सुनियोजित अभियान चलाया। इस ऑपरेशन में INS कोलकाता ने नेतृत्व किया। अभियान का उद्देश्य जहाज और उसके चालक दल को सुरक्षित मुक्त कराना था। रिपोर्ट में बताया गया है कि जहाज मुंबई से 3,000 किलोमीटर से अधिक दूरी पर अरब सागर में था।
बचाव अभियान में भारतीय वायुसेना के C-17 विमान की मदद से नौसेना के मरीन कमांडो यानी MARCOS को तैनात किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, कमांडो को सटीक हवाई ड्रॉप के जरिए समुद्र में उतारा गया और उन्होंने ऑपरेशन में मोर्चा संभाला। समुद्री लुटेरों की योजना इस जहाज का इस्तेमाल दूसरे व्यापारिक जहाजों पर हमले करने के लिए आधार पोत के रूप में करने की थी, जिसे भारतीय बलों ने नाकाम कर दिया।
ईरानी दूतावास ने भारत का जताया आभार
ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में भारतीय सुरक्षाबलों की कार्रवाई की सराहना की। दूतावास ने कहा कि जहाज के 20 ईरानी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचाने के लिए चलाया गया अभियान भारत की पेशेवर क्षमता और मानवीय सहायता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दूतावास ने इस कार्रवाई को भारत और ईरान के बीच मित्रता, एकजुटता और सहयोग की भावना का उदाहरण भी बताया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अभियान की सफलता पर भारतीय नौसेना और वायुसेना को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना के सहयोग से समुद्री लुटेरों के कब्जे से चालक दल और नाव को सुरक्षित निकालना भारतीय नौसेना की परिचालन तत्परता और समुद्री खतरों से निपटने की क्षमता को दर्शाता है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत समुद्री सुरक्षा बनाए रखने और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अभियान को क्षेत्र में सुरक्षित और खुले समुद्री मार्गों के प्रति भारत के संकल्प से भी जोड़कर देखा जा रहा है।