IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत: एग्जाम हॉल से हॉस्टल तक क्या हुआ, CCTV से लेकर 18 मांगों तक पूरा घटनाक्रम

Knews Desk – IIT बॉम्बे के बीटेक सेकंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे की 18 सितंबर को हुई मौत के मामले में अब एग्जाम हॉल का CCTV फुटेज सामने आया है। करीब 50 से 54 सेकेंड के इस फुटेज में साहिल काली टी-शर्ट पहने परीक्षा देते नजर आ रहे हैं। उनके आसपास परीक्षा हॉल में सुपरवाइजर मौजूद हैं। इसी दौरान प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला साहिल के पास पहुंचते हैं। दोनों के बीच बातचीत होती दिखाई देती है और इसके बाद साहिल अपना मोबाइल फोन प्रोफेसर को देते नजर आते हैं। प्रोफेसर उसकी आंसर शीट भी लेते हैं और फिर साहिल को परीक्षा हॉल से बाहर जाते हुए देखा जाता है।

क्राइम ब्रांच इस CCTV समेत कैंपस और हॉस्टल की अन्य फुटेज की जांच कर रही है। सामने आई फुटेज 18 सितंबर की दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच की बताई गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, फुटेज में साहिल परीक्षा के दौरान बार-बार नीचे झुककर अपनी जेब की तरफ देखते नजर आते हैं। इसके बाद प्रोफेसर दूल्ला उनके पास पहुंचते हैं और बातचीत के बाद उन्हें परीक्षा हॉल से बाहर भेज दिया जाता है।

IIT बॉम्बे की ओर से पहले कहा गया था कि साहिल को परीक्षा के दौरान मोबाइल के जरिए ChatGPT का इस्तेमाल करने के आरोप में पकड़ा गया था। संस्थान ने 19 सितंबर को इस संबंध में एक बयान जारी किया था। हालांकि, बाद में 21 सितंबर को IIT बॉम्बे ने अपने शुरुआती बयान पर माफी मांगी और कहा कि घटना से जुड़े तथ्य और परिस्थितियां जांच के अधीन हैं, इसलिए जांच पूरी होने से पहले इस तरह का बयान देना उचित नहीं था।

परीक्षा हॉल से निकलने के बाद साहिल करीब 1:25 बजे अपने हॉस्टल के कमरे में पहुंचा। उपलब्ध जांच विवरण के मुताबिक, इसके बाद वह कमरे से बाहर नहीं निकला। उसी दिन बाद में वह अपने कमरे में मृत मिला। क्राइम ब्रांच अब परीक्षा हॉल से लेकर हॉस्टल तक साहिल की आखिरी गतिविधियों और घटना से पहले के पूरे घटनाक्रम को CCTV और दूसरे डिजिटल सबूतों के जरिए जोड़ने की कोशिश कर रही है।

साहिल की मौत के बाद उनके पिता रविंद्र वाकोडे ने IIT बॉम्बे के फैकल्टी सदस्य सूर्यनारायण दूल्ला पर गंभीर आरोप लगाए। परिवार का आरोप है कि साहिल ने उन्हें जाति-आधारित भेदभाव और कथित उत्पीड़न के बारे में बताया था। पिता की शिकायत के आधार पर पवई पुलिस ने प्रोफेसर दूल्ला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। इन आरोपों की जांच जारी है और अभी यह आरोप जांच के स्तर पर हैं।

मामला सामने आने के बाद IIT बॉम्बे में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने साहिल की मौत की स्वतंत्र जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, संस्थान के फैसलों में छात्रों की भागीदारी और परीक्षा से जुड़े नियमों में बदलाव समेत 18 मांगों का चार्टर प्रशासन के सामने रखा। तीन दिनों तक चले प्रदर्शन के बाद 20 सितंबर की देर रात IIT बॉम्बे के निदेशक प्रो. शिरीष केदारे और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों के साथ करीब तीन घंटे तक बैठक की। इसके बाद प्रशासन ने छात्रों के 18 सूत्रीय चार्टर पर हस्ताक्षर किए। संस्थान की ओर से यह भी कहा गया कि आगे की कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत होगी।

छात्रों की मांगों में साहिल की मौत की स्वतंत्र जांच और जांच की रिपोर्ट तय समयसीमा में जारी करना भी शामिल है। छात्रों ने अंतरिम रिपोर्ट 30 सितंबर और अंतिम रिपोर्ट 15 अक्टूबर तक जारी करने की मांग की है। इसके अलावा फैकल्टी के लिए आचार संहिता, कैंपस अस्पताल में 24 घंटे मनोचिकित्सक की उपलब्धता, काउंसलिंग सेवाओं में सुधार, संस्थागत फैसलों में छात्रों की भागीदारी और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न करने जैसी मांगें भी रखी गई हैं।

प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को लेकर भी संस्थान ने कार्रवाई की। 21 सितंबर को IIT बॉम्बे ने उन्हें प्रशासनिक पद से हटाने/डीन पद से निलंबित करने की जानकारी दी। छात्रों ने हालांकि कहा कि उनकी मांग केवल प्रशासनिक पद से हटाने की नहीं, बल्कि प्रोफेसर के रूप में भी निलंबन की थी। इसके साथ ही मामले की पुलिस जांच जारी रही।

साहिल के पिता ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि FIR में नाम होने के बावजूद अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। परिवार ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। वहीं पुलिस और क्राइम ब्रांच मामले में उपलब्ध CCTV, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों की जांच कर रहे हैं। अभी तक जांच एजेंसियों की ओर से साहिल की मौत के अंतिम कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

मामले के बीच IIT बॉम्बे ने परीक्षा व्यवस्था में भी बदलाव की दिशा में कदम उठाया है। छात्रों के साथ बातचीत के बाद 26 और 27 सितंबर को होने वाली मिड-सेमेस्टर परीक्षाओं को 10 और 11 अक्टूबर तक टालने का फैसला किया गया है। संस्थान ने कहा है कि इस समय का इस्तेमाल परीक्षा में निगरानी करने वाले इनविजिलेटर के लिए स्पष्ट और छात्र-केंद्रित SOP तैयार करने में किया जाएगा। अकादमिक कदाचार के मामलों को संभालने के लिए भी चरणबद्ध प्रक्रिया तय की जाएगी, जिसे औपचारिक मंजूरी के लिए सीनेट के सामने रखा जाएगा।

साहिल की मौत के बाद बनी नई कमेटी में छात्रों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। इसका उद्देश्य परीक्षा के दौरान निगरानी, अकादमिक कदाचार से जुड़े मामलों की प्रक्रिया और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए नए नियम तैयार करना है।

फिलहाल इस पूरे मामले में तीन स्तरों पर जांच और कार्रवाई चल रही है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच साहिल की मौत से पहले की घटनाओं और CCTV फुटेज की जांच कर रही है, IIT बॉम्बे की कमेटी संस्थान से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों की समीक्षा कर रही है और छात्र संगठन 18 सूत्रीय मांगों के क्रियान्वयन पर नजर रख रहे हैं। ऐसे में सामने आया नया CCTV फुटेज जांच के लिए अहम सबूत माना जा रहा है, लेकिन इससे मामले के अंतिम कारणों पर अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

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