Knews Desk – आंध्र प्रदेश के कृष्णापुरम स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में छात्राओं के बाल काटे जाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। घटना शनिवार रात की बताई जा रही है, जिसका पता रविवार सुबह छात्राओं के जागने के बाद चला। मामले के सामने आने के बाद स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।
जानकारी के मुताबिक, घटना के समय छह छात्राएं एक कमरे में और चार छात्राएं दूसरे कमरे में सो रही थीं। सुबह जब छात्राएं उठीं तो उन्होंने अपनी चोटियां कटी हुई देखीं। सभी 10 छात्राओं ने बताया कि उन्हें इस बात का पता नहीं चला कि उनके बाल कब और किसने काटे।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद शुरुआती तौर पर आशंका जताई गई कि कोई बाहरी व्यक्ति स्कूल परिसर में घुसा होगा और सोते समय छात्राओं के बाल काट दिए होंगे। सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद यह तेजी से चर्चा में आ गया।
रविवार को भीमुनिपट्टनम के विधायक गंता श्रीनिवास राव स्कूल पहुंचे और छात्राओं, शिक्षकों तथा अभिभावकों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। भीमुनिपट्टनम के इंस्पेक्टर जी. दिवाकर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने भी स्कूल परिसर का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच के बाद विधायक ने कहा कि स्कूल में सुरक्षा के इंतजाम मौजूद हैं और अभी तक किसी बाहरी व्यक्ति के परिसर में प्रवेश करने की संभावना सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान स्कूल के अंदर की ही कुछ छात्राओं की कथित संलिप्तता की बात सामने आई है। हालांकि, बाल काटने के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
विधायक ने मामले को संवेदनशील बताते हुए कहा कि फिलहाल जांच का मुख्य उद्देश्य घटना की वास्तविक वजह का पता लगाना है। छात्राओं की काउंसलिंग भी कराई गई है, ताकि घटना के बाद उनके बीच पैदा हुए डर और तनाव को कम किया जा सके।

इस घटना ने 2017 में उत्तर भारत के कई राज्यों में सामने आए चोटी काटने के मामलों की याद भी ताजा कर दी है। उस दौरान उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार और राजस्थान समेत कई इलाकों से महिलाओं और लड़कियों के बाल काटे जाने की शिकायतें सामने आई थीं। उन घटनाओं को लेकर उस समय कई तरह की चर्चाएं और दावे किए गए थे, हालांकि उनके पीछे की वजह को लेकर अलग-अलग मामलों में अलग-अलग निष्कर्ष सामने आए थे।
फिलहाल कृष्णापुरम के स्कूल में हुई घटना की जांच जारी है और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्राओं के बाल किसने और किस वजह से काटे थे।