कानपुर : टाटमिल चौराहे पर डेढ़ घंटे फंसी एंबुलेंस, सिपाही की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत

फतेहपुर में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 22 वर्षीय सिपाही प्रांशु सचान को एंबुलेंस से हैलट अस्पताल ले जाया जा रहा था। आरोप है कि कानपुर के टाटमिल चौराहे समेत कई जगहों पर लगे भीषण जाम के कारण एंबुलेंस करीब डेढ़ से दो घंटे तक फंसी रही। अस्पताल पहुंचने से पहले ही सिपाही की मौत हो गई।

Knews Desk- कानपुर में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक सिपाही की एंबुलेंस में ही मौत हो गई। फतेहपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में बक्सर मोड़ के पास डंपर की टक्कर से घायल हुए सिपाही प्रांशु सचान को गंभीर हालत में हैलट अस्पताल रेफर किया गया था। आरोप है कि एंबुलेंस रास्ते में लगे लंबे जाम में फंस गई और समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी।

टाटमिल चौराहे पर जाम में फंसी एंबुलेंस, पिता लगाते रहे रास्ता देने की गुहार

पिता प्रमोद सचान के मुताबिक, एंबुलेंस टाटमिल चौराहे पर करीब एक घंटे तक जाम में फंसी रही। बेटे की हालत लगातार बिगड़ रही थी और उसके शरीर से खून बह रहा था। पिता कभी अपने हाथों से खून रोकने की कोशिश करते तो कभी गमछा बांधकर रक्तस्राव रोकते रहे। एंबुलेंस को रास्ता दिलाने के लिए वह कभी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के पास जाते तो कभी सड़क पर मौजूद लोगों के सामने हाथ जोड़कर गुहार लगाते रहे।

ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने भी एंबुलेंस को निकलवाने की कोशिश की, लेकिन भारी भीड़ और वाहनों की लंबी कतारों के कारण रास्ता नहीं मिल सका। पिता का आरोप है कि भाजपा की लोकतंत्र बचाओ रैली के चलते शहर में जगह-जगह भीषण जाम लगा हुआ था। उनके मुताबिक, टाटमिल से हैलट अस्पताल तक पहुंचने में करीब डेढ़ से दो घंटे लग गए।

प्रांशु के पिता प्रमोद सचान ने बताया कि उनका बेटा वर्ष 2025 बैच का सिपाही था और वर्तमान में अंबेडकरनगर जिले की डांडा कोतवाली में तैनात था। मंगलवार को वह अंबेडकरनगर से कानपुर देहात, कानपुर नगर, फतेहपुर और रायबरेली में सम्मन तामील कराने के लिए निकला था। उसने कानपुर देहात के रसूलाबाद और कानपुर नगर के बिधनू में सम्मन तामील कराया था। इसके बाद उसे फतेहपुर जाना था। इसी दौरान रास्ते में पिता मिल गए और वह उन्हें साथ लेकर बाइक से फतेहपुर के लिए रवाना हुआ।

बक्सर मोड़ पर डंपर ने बाइक को मारी टक्कर, पहिये के नीचे आया सिपाही

फतेहपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में बक्सर मोड़ के पास पीछे से तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिता-पुत्र सड़क पर दूर जा गिरे। बाइक पर पीछे बैठे प्रांशु डंपर के पहिये के नीचे आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। पिता को मामूली चोटें आईं। हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और डायल 112 को जानकारी दी। कल्याणपुर थाने की पुलिस ने दोनों घायलों को नजदीकी सीएचसी पहुंचाया। वहां प्रांशु की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया।

एंबुलेंस से बेटे को अस्पताल ले जाते समय पिता भी उसके साथ मौजूद थे। पिता के मुताबिक, रास्ते में जाम के कारण एंबुलेंस लंबे समय तक फंसी रही। वह लोगों से लगातार रास्ता देने की अपील करते रहे। उनका कहना था कि बेटा एंबुलेंस में दर्द से तड़प रहा था, लेकिन उसे समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका।

डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, इकलौते बेटे की मौत से टूट पड़े पिता

किसी तरह एंबुलेंस हैलट अस्पताल पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने प्रांशु को मृत घोषित कर दिया। पिता के मुताबिक, डॉक्टरों ने उनसे कहा, ‘सॉरी दादा, आप लाने में देर कर चुके हैं।’ यह सुनते ही पिता बदहवास होकर जमीन पर गिर पड़े और फूट-फूटकर रोने लगे। इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। पिता प्रमोद सचान ने कहा कि हादसे के बाद से उनका बेटा दर्द से तड़प रहा था और वह उसे बचाने की हर संभव कोशिश करते रहे। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस जाम में फंसने के बाद वह कभी पुलिसकर्मियों और कभी भीड़ के सामने हाथ जोड़कर रास्ता देने की गुहार लगाते रहे, लेकिन एंबुलेंस समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी।

गुरुवार को प्रांशु सचान के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद परिजन शव को घाटमपुर क्षेत्र के मोतीपुर गांव लेकर रवाना हुए। परिवार के इकलौते बेटे की असमय मौत से गांव में शोक का माहौल है। परिवार की ओर से गांव में ही अंतिम सलामी दिए जाने की तैयारी की जा रही है।

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