अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते को लेकर जल्दबाजी से इनकार किया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी हमलों से ईरान की नौसेना, वायुसेना और एयर डिफेंस सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, अगले सप्ताह दोबारा सैन्य कार्रवाई की संभावना पर उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए कहा कि वह पहले से इसकी जानकारी नहीं देंगे।
Knews Desk – अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वॉशिंगटन तेहरान के साथ समझौते के लिए जल्दबाजी नहीं करेगा। 31 अक्टूबर को फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित मार-ए-लागो क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास समझौते को लेकर तत्काल कोई दबाव नहीं है। उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमताओं को हुए नुकसान का भी दावा किया।
सैन्य कार्रवाई पर ट्रंप ने क्या कहा?
जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या अगले सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच फिर युद्ध शुरू हो सकता है, तो उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया। ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका हमला करने वाला होगा, तो क्या वह इसकी जानकारी पहले ही दे देगा? उन्होंने यह भी कहा कि वह इस बारे में कुछ नहीं बता सकते।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में ईरान की नौसेना, वायुसेना और एयर डिफेंस सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है। उनके मुताबिक, ईरान के कई प्रमुख सैन्य उपकरणों, विनिर्माण इकाइयों और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ये अमेरिकी राष्ट्रपति के दावे हैं।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को ईरान के साथ समझौता करने की कोई खास जल्दी नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान पहले समझौता करता है और फिर उससे पीछे हट जाता है। इसी वजह से उन्होंने तेहरान पर भरोसे को लेकर सवाल उठाए।
ट्रंप के बयान से कुछ घंटे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने देश की सशस्त्र सेनाओं को किसी भी खतरे का तत्काल जवाब देने के निर्देश दिए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को भी संभावित जवाबी कार्रवाई के दायरे में रखने का आदेश दिया।
अमेरिका और ईरान के बीच फिर से सैन्य टकराव की आशंका के बीच मध्यस्थ देश तनाव कम करने और बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। क्षेत्रीय देशों को डर है कि दोबारा हमले होने पर संघर्ष और व्यापक हो सकता है। फिलहाल ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई को लेकर कोई अंतिम फैसला सार्वजनिक नहीं किया है।