जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नाराजगी बढ़ गई है। श्रीनगर में हुई बैठक में 18 विधायकों ने हिस्सा लिया, जबकि समूह ने 24 विधायकों के समर्थन का दावा किया। नाराज विधायकों ने दो साल का कार्यकाल पूरा कर चुके मंत्रियों को बदलने और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी को हटाने की मांग उठाई है।
Knews Desk- नेशनल कॉन्फ्रेंस के नाराज विधायकों ने श्रीनगर में विधायक कैसर जमशेद लोन के फ्रेंड्स एन्क्लेव स्थित आवास पर करीब तीन घंटे तक बैठक की। बैठक में शामिल विधायकों ने पार्टी को मजबूत करने और एकजुट रहने की बात कही। अपनी मांगों को लेकर पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला को ज्ञापन सौंपने के लिए गुरेज के विधायक नजीर अहमद गुरजी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है।
सूत्रों के मुताबिक, विधायकों की प्रमुख मांग है कि सरकार में दो साल पूरे कर चुके सभी मंत्रियों को बदला जाए। इसके अलावा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार नासिर असलम वानी को तत्काल पद से हटाने की मांग भी की गई है। विधायकों का आरोप है कि सरकार और पार्टी के भीतर कुछ गलत फैसलों के लिए सलाहकार जिम्मेदार हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी का उद्देश्य मंत्रिमंडल में जगह हासिल करना नहीं है। नए मंत्रियों के चयन का फैसला उन्होंने फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला पर छोड़ा है।
बैठक में मंत्रियों और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जताई गई। गुलाबगढ़ के विधायक इंजीनियर खुर्शीद अहमद ने आरोप लगाया कि डिप्टी सीएम ने उन्हें अपने कार्यालय से लगभग बाहर कर दिया था। विधायकों ने सुशासन, चुनावी घोषणापत्र लागू करने और निर्वाचित प्रतिनिधियों को उचित सम्मान देने की मांग की।
गौरतलब है कि 27 अक्टूबर को हुए मंत्रिमंडल फेरबदल में NC के चार विधायकों अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्ला, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद कालू को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया था, जबकि निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को बाहर कर दिया गया। अब पार्टी नेतृत्व की अगली कार्रवाई पर नजर है।